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Haldwani Violence: अगर उपद्रवियों के हाथ पड़ जाते हथियार तो बेकाबू हो जाते हालात... संकट में पड़ जाती इनकी जान

Sun, 11 Feb 2024 09:23 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

बनभूलपुरा थाने में जब भीड़ ने आग लगाई तो उसमें अधिकारी और पुलिसकर्मी फंसे थे। उस दौरान अगर उपद्रवियों के हाथ हथियार पड़ जाते तो हालात बेकाबू हो जाते। बनभूलपुरा थाने में फंसे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की जान के साथ आम लोगों की जान भी संकट में पड़ जाती।
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Haldwani Violence - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आठ फरवरी की रात जब उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाना घेरने के साथ आगजनी शुरू की, तब इसमें कई अधिकारी और कर्मचारी फंस गए थे। उपद्रवी थाने में घुसने की कोशिश में थे। पर उनकी ओर से थाने के बाहर की गई आगजनी ही दीवार बन गई, जिसे वे लांघ नहीं सके और थाने में नहीं पहुंच सके।
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अगर वे थाने के अंदर पहुंचने के साथ थाने में मौजूद असलहा पाने में सफल हो जाते, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी, क्योंकि थाने से कुछ कदमों की दूरी पर बाजार समेत दूसरे इलाके थे, जहां तक उपद्रव कर आग पहुंच सकती थी। 

सूत्रों के अनुसार, बिगड़ते इन हालात और आशंकाओं के मद्देनजर आखिरकार गोली चलाने का फैसला किया गया। आठ फरवरी को टीम मलिक के बगीचा में अतिक्रमण हटाने को पहुंची थी। इसके बाद करीब साढ़े चार बजे से कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया। 
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विरोध ने देखते-देखते हुए उग्र रूप धारण कर लिया। विरोध की यह आग अतिक्रमण स्थल से लेकर बनभूलपूरा थाने तक पहुंच गई। थाने के बाहर खड़े वाहनों में आग लगाना शुरू कर दिया। इसमें प्रशासनिक, पुलिस के अधिकारी के अलावा पुलिस कर्मी फंस गए। 

उपद्रवी थाने में घुसने की कोशिश करने लगे। इससे कर्मियों की जान पर संकट उत्पन्न हो गया। इसके अलावा चिंता भी हुई कि अगर उपद्रवियों के हाथ में थाने में पुलिस का असलहा लग गया तो स्थिति क्या होगी। थाने से कुछ दूरी पर ही दूसरे अन्य क्षेत्र थे। ऐसे में असलहे के साथ उपद्रवियों पर काबू पाना और मुश्किल हो जाता।

बनभूलपुरा हिंसा के मास्टर माइंड का नाम आया सामने

वहीं, बनभूलपुरा हिंसा का मास्टर माइंड बताया जा रहा अब्दुल मलिक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी हैं। हिंसाग्रस्त क्षेत्र में पुलिस ने भारी फोर्स के साथ सर्च ऑपरेशन चलाकर दो निर्वतमान पार्षद समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। 60 लोग हिरासत में भी लिए गए हैं। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं।

 

शनिवार को हिंसाग्रस्त क्षेत्र बनभूलपुरा में पुलिस के सर्च ऑपरेशन के बाद एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि हिंसा मामले में निवर्तमान पार्षद महबूब आलम, निवर्तमान पार्षद जीशान, सपा नेता अरशद अयूब, असलम चौधरी और सपा नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के भाई जावेद सिद्दीकी को भी गिरफ्तार किया है।

उन्होंने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान कहीं से भी हंगामे की खबर नहीं है और कर्फ्यू के बीच पूरे क्षेत्र में शांति बनी हुई है। इधर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को हल्द्वानी हिंसा की जांच के आदेश देकर 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है।

अब्दुल मलिक ने सरकारी जमीन कब्जा करके मदरसा और धार्मिक स्थल बनाया था, जिसे तोड़ने को लेकर हिंसक घटना हुई है। इस मामले में पुलिस अब्दुल मलिक की तलाश कर रही है। मलिक को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। -प्रह्लाद नारायण मीणा, एसएसपी
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बनभूलपुरा को छोड़कर शेष जगह से कर्फ्यू हटा

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों को छोड़कर शहर के शेष हिस्से से कर्फ्यू हटा लिया है। डीएम वंदना ने बताया कि संपूर्ण बनभूलपुरा क्षेत्र आर्मी (कैंट) वर्कशॉप लाइन, तिकोनिया- तीनपानी गौलापार बाईपास का क्षेत्र छोड़कर पूरे शहर को कर्फ्यू मुक्त कर दिया गया है। कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्रों में प्रशासन की टीम दूध, राशन और दवा पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है।

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