उपद्रवी थाने में घुसने की कोशिश करने लगे। इससे कर्मियों की जान पर संकट उत्पन्न हो गया। इसके अलावा चिंता भी हुई कि अगर उपद्रवियों के हाथ में थाने में पुलिस का असलहा लग गया तो स्थिति क्या होगी। थाने से कुछ दूरी पर ही दूसरे अन्य क्षेत्र थे। ऐसे में असलहे के साथ उपद्रवियों पर काबू पाना और मुश्किल हो जाता।
वहीं, बनभूलपुरा हिंसा का मास्टर माइंड बताया जा रहा अब्दुल मलिक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी हैं। हिंसाग्रस्त क्षेत्र में पुलिस ने भारी फोर्स के साथ सर्च ऑपरेशन चलाकर दो निर्वतमान पार्षद समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। 60 लोग हिरासत में भी लिए गए हैं। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं।
शनिवार को हिंसाग्रस्त क्षेत्र बनभूलपुरा में पुलिस के सर्च ऑपरेशन के बाद एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि हिंसा मामले में निवर्तमान पार्षद महबूब आलम, निवर्तमान पार्षद जीशान, सपा नेता अरशद अयूब, असलम चौधरी और सपा नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के भाई जावेद सिद्दीकी को भी गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान कहीं से भी हंगामे की खबर नहीं है और कर्फ्यू के बीच पूरे क्षेत्र में शांति बनी हुई है। इधर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को हल्द्वानी हिंसा की जांच के आदेश देकर 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है।
अब्दुल मलिक ने सरकारी जमीन कब्जा करके मदरसा और धार्मिक स्थल बनाया था, जिसे तोड़ने को लेकर हिंसक घटना हुई है। इस मामले में पुलिस अब्दुल मलिक की तलाश कर रही है। मलिक को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। -प्रह्लाद नारायण मीणा, एसएसपी
बनभूलपुरा को छोड़कर शेष जगह से कर्फ्यू हटा
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों को छोड़कर शहर के शेष हिस्से से कर्फ्यू हटा लिया है। डीएम वंदना ने बताया कि संपूर्ण बनभूलपुरा क्षेत्र आर्मी (कैंट) वर्कशॉप लाइन, तिकोनिया- तीनपानी गौलापार बाईपास का क्षेत्र छोड़कर पूरे शहर को कर्फ्यू मुक्त कर दिया गया है। कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्रों में प्रशासन की टीम दूध, राशन और दवा पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है।