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हल्द्वानी के मनीष ने काव्य विधा में पाया मुकाम

Sun, 14 May 2017 01:33 AM IST
अभिजात कांडपाल 
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manish - फोटो : amar ujala
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जेके पुरम निवासी मनीष पांडे ने काव्य विधा में नया मुकाम हासिल किया है। उन्हें दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (डीआईएफएफ) की वेबसाइट के ‘पोएट ऑफ द ईयर’ स्तंभ में स्थान मिला है। वेबसाइट में स्थान पाने वाले देश-विदेश के 55 कवियों में वह उत्तराखंड से अकेले कवि हैं।
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दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 2016 में 68 देशों के कवियों-कलाकारों के साथ मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी मनीष को भी कविता पाठ के लिए बुलाया गया था। उत्तराखंड से महोत्सव में बुलाए गए वह अकेले कवि थे।

मनीष गीतकार होने के साथ ही गजलकार भी हैं। उनकी गायकी और गजलों को सोशल मीडिया पर काफी सराहा जाता है। उनकी कविताएं और गजलें अब तक कई पत्र-पत्रिकाओं और वेबसाइटों पर भी प्रकाशित हो चुकी हैं।
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अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रुड़की से 2016 में इलेक्ट्रॉनिक्स ऑफ टेली कम्यूनिकेशन में बीटेक कर चुके हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा हल्द्वानी के सिंथिया स्कूल से की हैं। उन्होंने कहा कि गजल लिखने, गायन और फिल्म निर्माण के जुनून के चलते वह एमएनसी की नौकरी भी छोड़ चुके हैं।

मनीष के पिता व्यास मुनी पांडे वन निगम जबकि मां मालती पांडे गृहणी हैं। मनीष के मुताबिक वह वर्तमान में घर पर रहकर ही काव्य साधना कर रहे हैं। 

डीआईएफएफ 2017 के लिए मांगे आवेदन

दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 2017 के लिए आवेदन मांगे गए हैैं। आवेदन के इच्छुक कलाकार फिल्म, कला, पोएट ऑफ द ईयर, म्यूजिक वीडियो आदि श्रेणियों में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए www.delhiinternationalfilmfestival.com पर देख सकते हैं।

बता दें कि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल दि सोशल सर्किल की ओर से नई दिल्ली म्यूनिसपल काउंसिल की ओर से करवाया जाता है। इसमें देश विदेश के कई कलाकार हिस्सा लेते हैं।
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