जंगल में आग के कारण वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा।
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हल्द्वानी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के हल्द्वानी रेंज के जंगल में बुधवार शाम आग लगने से सैकड़ों एकड़ वन संपदा जलकर राख हो गई। आग की लपटों से खैर के सैकड़ों पेड़ जलकर राख हो गए। ग्रामीणों की सूचना के बाद भी वन विभाग के अधिकारी तीन घंटे देर से पहुंचे। देर रात तक फायर ब्रिगेड, जेसीबी और ग्रामीणों की मदद से वन विभाग के अधिकारी आग पर काबू पाने की कोशिश में लगे रहे। वन विभाग के अधिकारी करीब आठ हेक्टेयर जंगल जलने की बात स्वीकार कर रहे हैं।
हल्दूचौड़ इंद्रपुर के पास वन विभाग के प्लाट संख्या 162 बी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग जब गांव के किनारे तक पहुंची तो ग्रामीणों ने अपने गेहूं के खेतों को आग से बचाने के लिए इसकी सूचना फायर बिग्रेड और जनप्रतिनिधियों को दी। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी करीब छह बजे मौके पर पहुंचे। तब तक जंगल की आग विकराल रूप ले चुकी थी। आग इतनी विकराल थी कि इसने 20 फीट ऊंचे खैर के पेड़ों को अपने चपेट में ले लिया। सैकड़ों खैर के पेड़ 20 ऊंचाई तक जलते रहे। ग्रामीणों और फायर बिग्रेड की मदद से गांव के किनारे की आग में किसी तरह काबू पाया जा सका।
फायर लाइन काटने के लिए जेसीबी बुलाई
आग जब गांव तक फैल गई। ग्रामीण अपने खेतों को बचाने के लिए खुद आग बुझाने में लग गए। तेज हवा के कारण जब आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। तब वन विभाग ने करीब आठ बजे जेसीबी बुलाई। साढ़े आठ बजे से जेसीबी ने फायर लाइन काटना शुरू किया।
ग्रामीणों का आरोप तीन दिन से धधक रहे हैं जंगल
गूजर और एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त में बताया कि तीन दिन से जंगल में आग लगी है। अभी करीब 100 एकड़ से अधिक जंगल पूरी तरह जल चुका है लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने आग नहीं बुझाई। कहा कि समय रहते आग बुझा ली जाती तो आज इतने अधिक वन संपदा का नुकसान नहीं होता।
एफएसओ एमपी सिंह ने बताया कि हल्दूचौड़ जंगल में आग बुझाने के लिए सुबह एक गाड़ी गई थी। शाम के समय दो और गाड़ियां जंगल में भेजी गई। जंगल में आग काफी दूर तक फैल गई है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारी वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर आग बुझाने में जुटे हैं।