हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में रूसा के अंतर्गत नई सुविधाओं एवं विभिन्न कार्यों के लिए दो करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर हो गई है। इसमें से एक करोड़ रुपये आवंटित भी कर दिया है, लेकिन बैंक में तकनीकी कमी के चलते यह राशि फिलाहल ट्रांसफर नहीं हो पा रही है।
एमबीपीजी कॉलेज को दो महीने पहले नैक निरीक्षण के बाद ‘सी’ प्रमाणपत्र मिल चुका है। इसके बाद ही शासन ने एमबीपीजी कॉलेज को चालू वित्तीय वर्ष 2019-2020 में रूसा में चयन करने की प्रक्रिया शुरू की। कॉलेज प्रशासन की ओर से भेजी प्रोजेक्ट रिपोर्ट को भारत सरकार ने भी मंजूरी दे दी है।
शासन के संयुक्त सचिव एमएम सेमवाल की ओर से भेजे गए पत्र में एमबीपीजी कॉलेज को विभिन्न कार्यों के लिए दो करोड़ की धनराशि का अनुमोदन करने की जानकारी दी है। इसमें निर्माण कार्यों के लिए एक करोड़ 47 लाख स्वीकृत करने की बात कही है। कॉलेज को प्रथम किस्त के रूप में एक करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है। बताते हैं कि कॉलेज प्रशासन ने रूसा को भेजे प्रोजेक्ट में नैनीताल बैंक के संचालित बैंक खाते का नंबर दिया था, लेकिन इस बैंक खाते में तकनीकी कमी के चलते यह धनराशि ट्रांसफर नहीं हो पा रही है।
कॉमन गर्ल्स रूम, स्मार्ट क्लासरूम बनेंगे
नव निर्माण के रूप में कॉलेज में गर्ल्स कॉमन रूम, कंप्यूटर डाटा सेंटर, रिसर्च रूम पीएचडी छात्र-छात्राओं के लिए वाचनालय तथा हाईटेक टॉयलेट का निर्माण कराने की योजना है। साथ ही पुनर्निर्माण में एकेडमिक भवन और ऑफि स ब्लाक में पार्टीशन, फ ीस काउंटर, लाइब्रेरी अपग्रेडेशन, कैंपस डेवलपमेंट और वाटर हार्वेस्टिंग टैंक पर खर्च किया जाएगा। नई सुविधाओं में महाविद्यालय में बॉक्सिंग रिंग, जिम, स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब उपकरण, बुक्स और जरनल पर खर्च किया जाएगा।
रूसा से महाविद्यालय को प्रथम चरण में एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत होने के संबंध में शासन का पत्र मिला है। इस धनराशि से महाविद्यालय में पठन-पाठन की बेहतर व्यवस्थाएं हो सकेंगी। नव निर्माण, पुनर्निर्माण और नई सुविधा पर इस धनराशि को खर्च किया जाना है।
- डॉ. बीना खंडूरी, प्राचार्य एमबीपीजी कॉलेज