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स्कूल छोड़ वार्षिक श्राद्ध में भात खाने पहुंच गए गुरुजी

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नैनीताल। लापरवाही का आलम ऐसा है कि सरकारी स्कूल के एक शिक्षक शनिवार को स्कूल समय में ही गांव के एक घर में आयोजित वार्षिक श्राद्ध में भात (प्रसाद) खाने पहुंच गए। वहां मौजूद अभिभावकों ने उन्हें पहचान लिया और शिक्षक पकड़ में आ गए। इसी बीच किसी अभिभावक ने इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी ने इसकी जांच के निर्देश दिए हैं।
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सोशल मीडिया में वायरल हो रही वीडियो में एक शिक्षक कंधे में बैग लटकाए गांव में एक घर के आगे बैठे हैं। वहां मौजूद अभिभावक उनसे पूछ रहे हैं कि दोपहर का एक बजा है। स्कूल की उपस्थिति पंजिका में उनकी उपस्थित दर्ज है और वह स्कूल के बजाए किसी के घर में आयोजित वार्षिक श्राद्ध में भात खाने पहुंचे हैं। शिक्षक जवाब देते हैं कि आज शनिवार है और छुट्टी हो गई है। अभिभावक कहते हैं कि उनके बच्चे तो नहीं पहुंचे लेकिन आप पहुंच गए हो, क्यों बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हो। अभिभावक कहते हैं कि आप दसवीं कक्षा को गणित जैसा महत्वपूर्ण विषय पढ़ाते हैं तो शिक्षक कहते हैं कि वह कला के अध्यापक हैं। इसी बीच शिक्षक भात के साथ सब्जी भी मांगते हैं। दोनों पक्षों के बीच वार्तालाप चलता रहता है और इसी दौरान मोबाइल से वीडियो बना रहा व्यक्ति बताता है कि यह शिक्षक राइंका पुवांऊ में तैनात हैं, जो बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हैं। संबंधित व्यक्ति जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की मांग करता है। वीडियो बनाने वाले ने स्कूल का नाम राइंका पुवाऊं बताया। स्कूल का नाम स्पष्ट न होने के कारण यह पता नहीं चला कि यह वीडियो कहां का है लेकिन ओखलकांडा में पुटगांव होने के कारण इसे इस क्षेत्र से जोड़ा जा रहा है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता से पूछा गया तो उन्होंने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार कर दिया। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से वीडियो की जांच कराई जाएगी और यदि वीडियो अपने जिले का पाया गया तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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