हल्द्वानी। शहर में पहली बार ग्रीन पिट वाइपर नजर आया। इसे कुसुमखेड़ा स्थित कबाड़ की दुकान से रेस्क्यू किया गया। वन अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले हल्द्वानी में ग्रीन पिट वाइपर रिपोर्ट नहीं किया गया है अलबत्ता नैनीताल और इसके आसपास इसे पूर्व में भी देखा गया है।
कुसुमखेड़ा स्थित कोहली कॉलोनी में मो. आशिफ की कबाड़ की दुकान है। मंगलवार को उन्हें दुकान में हरे रंग का सांप नजर आया। पहले तो उन्होंने उसे रबर का सांप समझा लेकिन लकड़ी की मदद से हिलाने पर सांप ने हरकत करनी शुरू कर दी। सूचना पर तराई केंद्रीय वन प्रभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सांप को रेस्क्यू किया। उसके बाद पास के जंगल में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू टीम के सदस्य सुभाष ने बताया कि ग्रीन पिट वाइपर उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में तो नजर आता है लेकिन मैदानी क्षेत्रों में नहीं दिखता। यह काफी विषैला है। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ यूसी तिवारी ने बताया कि तराई केंद्रीय वन प्रभाग में ग्रीन पिट वाइपर इससे पहले कहीं नहीं दिखा है। आमतौर पर यह सांप पेड़ों पर पाया जाता है।
यहां भी निकले सांप
हल्द्वानी। श्री विहार फेस टू निवासी हरीश चंद्र जोशी ने रेस्क्यू टीम को फोन कर घर के गार्डन में सांप होने की जानकारी दी। रात 8:55 बजे रेस्क्यू टीम उनके घर पर पहुंची और गार्डन से धामन प्रजाति के दो सांपों को पकड़कर ले गई। तभी हरीश जोशी ने रेस्क्यू टीम को दोबारा फोन कर गार्डन में एक और सांप होने की जानकारी दी। टीम ने वापस आकर उसे भी रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। टीम में सुभाष चंद्र और रोहित कुमार शामिल रहे। उन्होंने बताया कि इन दिनों सांपों को रेस्क्यू करने के आठ से दस मामले हर रोज आ रहे हैं।