प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता की अदालत ने बुधवार को शेरवुड कालेज के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। उन्हें 20 हजार रुपए के निजी तथा इतनी ही धनराशि के दो जमानती प्रस्तुत करने के बाद जमानत के आदेश दिए गए।
हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रधानाचार्य संधू ने सोमवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। घटनाक्रम के मुताबिक पीड़ित छात्र के पिता ने 9 अक्तूबर 2014 को तल्लीताल थाने में एफआईआर दर्ज कर आरोप लगाया था कि 6 और 7 अक्तूबर की रात स्कूल के गार्ड अशोक मंडल ने पुत्र पर लैंगिक हमला किया था। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 377, 511, 6/10 पाक्सो की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के बाद कालेज के वार्डन रवि पंत को किशोर बाल संरक्षण अधिनियम जबकि प्रधानाचार्य को लापरवाही का दोषी पाया गया।
मामले में पुलिस ने 4 दिसंबर को निचली अदालत में चार्जशीट दाखिल की। प्रिंसिपल ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने प्रधानाचार्य को 10 फरवरी तक निचली अदालत में आत्मसमर्पण के निर्देश दिए थे। अदालत में बुधवार को हुई सुनवाई में अधिवक्ता बहादुर पाल ने अदालत को बताया कि घटना की सुबह 8.30 बजे ही प्रधानाचार्य ने पीड़ित छात्र के पिता को सूचना दे दी थी। जबकि डीजीसी सुशील शर्मा ने प्रधानाचार्य पर लापरवाही का आरोप लगाया। पक्ष-विपक्ष को सुनने के बाद बाद प्रभारी जिला जज ने प्रस्तुत जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।