ज्योलीकोट में ब्रेवरी पुल का निरीक्षण करते विशेषज्ञ
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बीती 25 सितंबर को गैस वाहन हादसे के बाद से बंद ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग एनएच के जल्दी खुलने के आसार नहीं हैं। अलबत्ता आईआईटी रुड़की से आए विशेषज्ञ प्रो. संजय किरमानी ने बुधवार को उक्त पुल का जायजा लिया और एक हफ्ते में इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट देने की बात कही। यानी पुल कब खुलेगा यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
25 सितंबर को वीरभट्टी पुल को गैस सिलेंडर से भरे ट्रक में भीषण आग लगने के बाद एहतियातन आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। इससे 18 किमी ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग मार्ग के आसपास समेत अन्य लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तीन ग्राम सभाओं के लोगों की तो जिंदगी तो बेपटरी हो गई है। स्कूली छात्र-छात्राओं सहित दुकानदार और नौकरीपेशा लोग परेशान हैं। दस दिनों बाद बुधवार को शाम चार बजे आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ प्रो. संजय किरमानी वीरभट्टी पुल के निरीक्षण को पहुंचे।
उनके साथ एनएच के अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार, सहायक अभियंता के एस मेहता और अवर अभियंता दीपिका टम्टा भी थे। इस दौरान प्रो. किरमानी ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से और आधार का निरीक्षण किया। एनएच के अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार ने बताया कि किरमानी से हुई वार्ता के अनुसार फिलहाल अभी पुल को खोलने की स्थिति नहीं है।
विशेषज्ञ किरमानी ने एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देने और अपने अधीनस्थ इंजीनियरों को पुल की विस्तृत जांच के लिए भेजने की बात कही है। उन्होंने क्षतिग्रस्त प्लेटों की मरम्मत की जरूरत बताई है।
फिलहाल पिछले दस दिनों से यातायात सुचारु होने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को झटका लगा है।
उधर, भाजपा मंडल अध्यक्ष पुष्कर जोशी ने पुल खोलने की जा रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि विधायक संजीव आर्या और परिवहन मंत्री यशपाल आर्य से लोगों को परेशानी को देखते इस इलाके में आंतरिक स्तर पर बस चलाने के वार्ता की गई है।