नैनीताल। हाईकोर्ट ने कौसानी की चाय फैक्ट्री को बंद करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद प्रदेश सरकार, टी बोर्ड ऑफ इंडिया, सहयोगी कंपनी गिरियाज, टी गार्डन कौसानी के प्रबंधक और टी बोर्ड उत्तराखंड को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तिथि नियत की।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार कौसानी निवासी किशन चंद्र सिंह खत्री ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कौसानी की चाय फैक्ट्री कुमाऊं मंडल विकास निगम और बंगलूरू की कंपनी गिरियाज के साथ 11 प्रतिशत पार्टनरशिप के साथ चलाई जा रही थी लेकिन सरकार ने इस चाय फैक्ट्री को 2014 में बंद कर दिया। इससे इसमें कार्यरत 30 मजदूर बेरोजगार हो गए। याचिका में कहा गया कि स्थानीय चाय बागानों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव हुआ है और फैक्ट्री बंद होने से प्रदेश सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार, टी बोर्ड ऑफ इंडिया, सहयोगी कंपनी गिरियाज, टी गार्डन कौसानी के प्रबंधक और टी बोर्ड ऑफ उत्तराखंड को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।