मंडी को शिफ्ट करने के कृषि मंत्री के बयान के विरोध में बृहस्पतिवार को मंडी सभापति सुमित हृदयेश भी मैदान में आ गए। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार विकास कार्य करने के बजाय प्रॉपर्टी डीलिंग कर रही है। सरकार ने अगर मंडी को कहीं ओर शिफ्ट करने की कोशिश की तो प्रदेश सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
मंडी समिति कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए मंडी सभापति सुमित हृदयेश ने कहा कि पहले अंतरराज्यीय बस अड्डे को मंडी के साथ जोड़कर मंडी शिफ्ट करने की बात कही गई, जिसे मुख्यमंत्री ने नकारा भी मगर अब उन्हीं के कृषिमंत्री विस्तारीकरण के नाम पर मंडी शिफ्ट करने की बात को दोहरा रहे। इस कारण मंडी से जुड़े किसान, व्यापारी भयभीत हैं।
सरकार के इस दोहरे आचरण से प्रतिदिन मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। हृदयेश ने सीएम से सवाल किया है कि कृषि मंत्री क्या सीएम से ऊपर हैं जो सीएम द्वारा मंडी शिफ्ट करने की बात नकारने के बावजूद कृषि मंत्री अपना दावा दोहरा रहे हैं। इस मामले में सीएम को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सुमित ने कहा कि हल्द्वानी मंडी उत्तराखंड की पुरानी एवं सफल मंडियों में एक है, जिसके स्वरूप को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। इसे छिन्न-भिन्न करने की कोशिश हुई तो कड़ा विरोध किया जाएगा। इस दौरान मंडी समिति के उपाध्यक्ष सलीम अंसारी, सदस्य यशपाल आर्या, कार्तिक बिष्ट, विनोद दानी, डीके पंत, सुरेंद्र बर्गली आदि थे।