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Nainital: घंटियों की थीम पर संवारा जाएगा घोड़ाखाल का गोल्ज्यू मंदिर, गोलू देवता सर्किल में चयनित हुआ है मंदिर

Mon, 28 Jul 2025 12:07 PM IST
हीरा मेहरा रवींद्र पांडे रवि, संवाद

सार

कुमाऊं में न्याय के देवता के रूप में प्रसिद्ध गोलू मंदिरों का भी कायाकल्प होगा। गोलू देवता सर्किट में घोड़ाखाल गोल्ज्यू मंदिर का भी चयन हुआ है। पौराणिक स्वरूप से साथ ही मंदिर को घंटियों की थीम पर संवारा जाना है।
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गोलू देवता मंदिर
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विस्तार
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मानसखंड मदिर माला मिशन के तहत विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण के तहत कुमाऊं में न्याय के देवता के रूप में प्रसिद्ध गोलू मंदिरों का भी कायाकल्प होगा। गोलू देवता सर्किट में घोड़ाखाल गोल्ज्यू मंदिर का भी चयन हुआ है। पौराणिक स्वरूप से साथ ही मंदिर को घंटियों की थीम पर संवारा जाना है। यही नहीं पॉली कार्बोनेट शीट से आने वाली रोशनी से मंदिर और भी आकर्षक नजर आएगा। पर्यटन विभाग ने इसकी शुरुआत कर दी है।

पर्यटन विभाग के मुताबिक मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में गोलू देवता सर्किट के तहत घोड़ाखाल स्थित गोल्ज्यू देवता समेत अल्मोड़ा चितई एवं चंपावत के मंदिर को मिलाकर एक विशेष गोल्ज्यू कॉरिडोर बनाया जाना है। संयुक्त निदेशक पर्यटन एसएस सामंत की ओर से इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके लिए विभागीय टीम ने गोल्ज्यू मंदिर का निरीक्षण किया। पाया कि यहां मंदिर के समीप स्थित छोटे कक्ष मंदिर की भव्यता खराब कर रहे हैं। मंदिर काफी छोटा है तथा छत काफी ऊंची है। पास के कक्षों के ढका होने के कारण यहां रोशनी अपेक्षाकृत कम है।

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नए सर्किट के तहत इसे पौराणिक व पारंपरिक स्वरूप में घंटियों की थीम के साथ विकसित किया जाएगा। मंदिर को बड़ा और भव्य कर पास के कक्षों को परिसर में अन्यत्र बनाया जाएगा। क्रंक्रीट की जगर आकर्षक पत्थर लगाए जाएंगे। पार्किंग समेत श्रद्धालुओं के लिए हाथ धोने एवं शौचालय की अत्याधुनिक व्यवस्था की जाएगी।

पार्किंग के लिए सैनिक स्कूल से हुई वार्ता
गोलू सर्किट बनने के बाद यहां पार्किंग की अत्यधिक जरूरत है। इसके लिए पर्यटन विभाग ने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के समक्ष मल्टी लेवल पार्किंग का प्रस्ताव रखा है। स्कूल प्रबंधन से वार्ता भी हो चुकी है। बोर्ड से अनुमति के बाद इस पर कार्य किया जाएगा। इससे मिलने वाले राजस्व पर 50 फीसदी हक स्कूल प्रबंधन का होगा। 

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