भवाली (नैनीताल)। कैंची मंदिर धाम के स्थापना दिवस के अवसर पर लगे मेले में देशभर से आए करीब सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा नीब करौरी महाराज के दरबार में हाजिरी लगाकर प्रसाद ग्रहण किया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के जोश में कोई कमी नहीं थी।
मेले में उमड़ी भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने एनएच में वन-वे व्यवस्था लागू की थी जबकि भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया था। मंदिर ट्रस्ट के अलावा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दिन भर मेले की व्यवस्थाएं बनाने में जुटे रहे।
कैंचीधाम की समूची घाटी दिनभर बाबा नीम करौली महाराज की जय से गुंजायमान रही। हर साल 15 जून को प्रतिष्ठा दिवस के मौके पर कैंची धाम में श्रद्धालु बाबा के दर्शनों को उमड़ते हैं। बुधवार सुबह पांच बजे से मंदिर के मुख्य गेट के दोनों ओर श्रद्धालुओं की एक-एक किलोमीटर लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई थी। लेकिन तब मुख्य गेट नहीं खुला था।
इस दौरान मंदिर में शंख, घंटी और ढोल नगाड़ों के बीच नीम करौली महाराज के साथ मंदिर परिसर में स्थापित अन्य देवी देवताओं को मालपुए का भोग लगाया गया। तत्पश्चात पौने सात बजे श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए मंदिर का मुख्य गेट खोल दिया गया। मंदिर में प्रवेश के साथ ही दर्शन कर चुके श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण शुरू हो गया था।
सुबह सात बजे से ही क्षेत्र में बरसात शुरू हो गयी। बावजूद इसके श्रद्धालु लाइन में लगे बारी की प्रतिक्षा करते रहे। खुफिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 12 बजे तक लगभग साठ हजार श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर चुके थे। दुपहर बाद श्रद्धालुओं की भीड़ में खासा इजाफा हुआ और एनएच में कई बार हल्के जाम की स्थिति भी पैदा हुई।
तब मौके पर मौजूद एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने यातायात व्यवस्था की कमान स्वयं संभाल ली। दुपहर दो बजे तक 80 हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर में पहुंच चुके थे। जिलाधिकारी दीपक रावत ने इसकी पुष्टि की। दुपहर दो बजे एक बार फिर से तेज बरसात शुरू हो गई बावजूद इसके श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहा।
सुबह से लेकर शाम तक भवाली और अल्मोड़ा की ओर से श्रद्धालुओं की कतार लगातार बढ़ती रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से लाल चटाई सड़क के दोनों ओर बिछाई गई थी।
अल्मोड़ा की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के जूते चप्पल रखने की व्यवस्था प्रवेश द्वार के समीप और भवाली की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त द्वार के समीप बनाई गई थी। इन दोनों स्थानों पर ट्रस्ट से जुड़े लोग व्यवस्था संभालते नजर आए। देर सांय तक लगभग सवा लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर में पहुंच चुके थे।
प्रशासन की ओर से मंदिर के आसपास की पार्किंग पैक होने के कारण दुपहिया वाहनों को भवाली में भी पार्क कराया गया। रोडवेज के भवाली डिपो प्रबंधन की ओर से दर्जन भर बसें मेले में लगाई थी। इसके अलावा प्राइवेट टैक्सियां भी मेले के लिए सवारियां ढो रही थी।
अल्मोड़ा की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को पनीराम ढाबे के समीप और भवाली की ओर से आ रहे श्रद्धालुओं को वन विभाग के खंडहर के समीप ही टैक्सियों से उतारा जा रहा था। मेले की व्यवस्थाओं को बनाने में मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अलावा जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल, एसपी सिटी हरीश चंद्र सती, सीओ हरवंश सिंह, मेलाधिकारी कमल राम आर्या समेत कई अधिकारी लगे हुए थे।
व्यवस्थाओं को बनाने के लिए मौके पर एक प्लाटून पीएसी के अलावा दमकल वाहन की भी तैनाती की गई थी। इसके अलावा दुपहर में आयुक्त एएस नयाल ने भी मंदिर में दर्शन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। संसदीय सचिव व विधायक सरिता आर्या भी मेले में मौजूद रहीं।