हल्द्वानी। ऊधमसिंह नगर के खटीमा क्षेत्र से इलाज के लिए पहुंची एक युवती की सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवती की मां ने अस्पताल के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन को जमकर खरी खोटी सुनाई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं। अस्पताल प्रबंधन का युवती के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का दावा किया है।
खटीमा के नगला तराई क्षेत्र निवासी कमलेश देवी रोते हुए बताया कि उनकी बेटी सीमा चौहान (18) की बड़ी आंत का आपरेशन हुआ था। उसका दोबारा आपरेशन होना था जिसके चलते बीते दिनों उसे सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कमलेश का कहना है कि जब से उसे भर्ती कराया, तभी से डाॅक्टर उसके इलाज में लापरवाही बरतते रहे। महिला का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद डाॅक्टर उसे देखने नहीं आए। जब उन्होंने डाॅक्टर से बच्ची को देखने के लिए कहा तो अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें यह कहते हुए धमकाया कि चिकित्सक अपने हिसाब से मरीज को देखने आते हैं। उनके कहने से डाॅक्टर थोड़ा आएंगे।
महिला का कहना है कि उसने डाॅक्टरों से बच्ची को रेफर कराने की मांग की लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बेटी पानी मांगती रही लेकिन उसे पानी तक नहीं दिया गया। आखिर में बच्ची बेचैन होने लगी और सोमवार को उसने दम तोड़ दिया। कमलेश देवी का कहना है कि उनकी बेटी सीमा खटीमा में दसवीं कक्षा में अध्ययनरत थी। उन्होंने डाॅक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
बच्ची की बड़ी आंत में छेद था जिसका एक माह पहले ऑपरेशन हुआ था। उसका यहां दोबारा ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद बच्ची यहां भर्ती थी और उसे खाली पेट रहना था। उसकी नाक में नली लगी हुई थी। पता चला है कि रात में बच्ची को प्यास लगी तो परिजनों ने उसे पानी पिला दिया और पानी गले से होते हुए गलत ट्रैक में चला गया जिससे वह निमोनिया की चपेट में आ गई और उसका स्वास्थ्य बिगड़ गया। नाक की नली को भी मरीज के परिजनों ने निकाल दिया था। डाॅक्टरों ने बच्ची को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। इस बारे में लिखित शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। - डाॅ.जीएस तितियाल प्राचार्य राजकीय मेडिकल काॅलेज हल्द्वानी।