फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital News: बरामदे में बैठकर शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूर हैं जीआईसी के विद्यार्थी

Sat, 18 May 2024 02:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
विज्ञापन
विज्ञापन
नैनीताल। महावीर चक्र से सम्मानित कारगिल शहीद मेजर राजेश अधिकारी के नाम से पहचाने जाने वाले जीआईसी के विद्यार्थी बरामदे में बैठकर शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूर हैं। हाल यह है कि इस बार छठी में एक भी विद्यार्थी नहीं है।
विज्ञापन

ब्रिटिश काल से संचालित राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना 1899 में हुई थी। अयारपाटा, जीजीआईसी के बाद 1953 से विद्यालय बलियानाला के समीप वर्तमान में जीआईसी भवन में स्थानांतरित हुआ। बलियानाला में हो रहे भूस्खलन से विद्यालय खतरे में आता गया। वर्ष 2018 में हुए भू-स्खलन व विस्थापन की संभावनाओं के चलते विद्यार्थियों की संख्या कम हो गई।
वर्तमान में विद्यालय इंटरमीडिएट ब्लॉक में संचालित किया जा रहा है। कक्ष कम होने से विद्यार्थी बरामदे में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। बरसात में शिक्षण चुनौती बन सकता है। छठी कक्षा में इस वर्ष किसी ने प्रवेश नहीं लिया, जबकि कुल छात्र संख्या 92 रह गई है।
विज्ञापन

अटल उत्कृष्ट जीजीआईसी अब हुआ पीएमश्री, न प्रधानाचार्य न शिक्षक
नैनीताल। प्रदेश शासन की ओर से शिक्षा के विकास के लिए यूं तो विभिन्न विद्यालयों के पदनाम में परिवर्तन कर विशिष्ट श्रेणी की शिक्षा के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन शिक्षा के लिए सबसे अहम शिक्षकों के पद कम होते जा रहे हैं। जिससे शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। जीआईसी के समीप स्थित अटल उत्कृष्ट जीजीआईसी को अब शासन की ओर से पीएमश्री कर दिया गया है। विद्यालय में बीते दो वर्ष से प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। इसके अलावा इंटर में समाजशास्त्र शिक्षक का पद दो वर्ष से खाली है। इंटर में इतिहास के शिक्षक तीन माह, जीव विज्ञान के शिक्षक का पद एक वर्ष से रिक्त है, जबकि भूगोल की शिक्षिका मातृत्व अवकाश पर हैं।


जलालगांव में भी शिक्षा व्यवस्था बदहाल
नैनीताल। नगर से तीस किमी दूर प्रावि जंगलियागांव में 25 बच्चे एकमात्र शिक्षक के भरोसे हैं। समीप में स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी प्रधानाचार्य का पद लगभग डेढ़ वर्ष से रिक्त है। ग्रामीण धरम सिंह बिष्ट, दलीप सिंह, कुंदन सिंह, आरएस बिष्ट, प्रेम सिंह, गोधन सिंह, भुवन, नंदन सिंह आदि ने शिक्षा में सुधार की मांग की है। कहा है कि उनके बच्चे यहां से 30 किमी दूर शहर में पढ़ने कैसे जाएं। गांव में विद्यालय बनाएं हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी होने के चलते स्कूलों का बेहतर उपयोग नहीं हो पा रहा तथा सीमित बच्चे खानापूर्ति को शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अन्य शिक्षा ही नहीं ले पा रहे हैं।

रेखा नेगी, प्रभारी प्रधानाचार्या जीजीआईसी ने बताया कि प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में जिम्मेदारी मिलने के बाद से कर्तव्यनिष्ठा से सेवाएं दी जा रही हैं। बीते वर्ष भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान में नि:शुल्क रूप से सेवानिवृत शिक्षकों की सेवाएं ली गई। इस वर्ष भी इतिहास समेत अन्य के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
आरएस अधिकारी, प्रधानाचार्य जीआईसी ने बताया कि जीआईसी के इंटर मीडिएट ब्लाक में किसी तरह विद्यालय संचालित किया जा रहा है। कक्षों की कमी के चलते विद्यार्थी बरामदे में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। छठी में किसी भी बच्चे ने प्रवेश नहीं लिया। समीप में स्थित शिक्षा विभाग भवन के मिलने की उम्मीद है।-

लीलाधर व्यास, अपर शिक्षा अधिकारी माध्यमिक ने बताया कि पीएमश्री जीजीआईसी समेत जिले के अन्य विद्यालय में रिक्त पड़े प्रधानाचार्य व शिक्षकों के पदों को भरे जाने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है, हाल ही में अटल आदर्श के लिए शिक्षकों की काउंसलिंग भी हुई है।-

जगमोहन सोनी, सीईओ ने बताया कि जीआईसी के विद्यार्थियों के लिए भवन को तैयार करने के लिए सिचाई विभाग से पत्राचार किया जा रहा है। बाहर अध्ययन कर रहे बच्चों के मामले में पड़ताल कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें