नैनीताल स्थित राजकीय इंटर काॅलेज और राजकीय बालिका इंटर काॅलेज में शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने दोनों स्कूलों के एकीकरण की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में विभाग ने दोनों स्कूलों से सुझाव मांग लिए हैं। अब अगले सत्र तक इस बारे में निर्णय होने की उम्मीद है। मुख्यालय में शहीद मेजर राजेश अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज और पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय बालिका इंटर कालेज दशकों से संचालित हो रहे हैं।
इस वक्त जीजीआईसी में 197 छात्राएं अध्ययनरत हैं, वहीं जीआईसी में मात्र 59 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहें हैं। लगातार गिरती छात्र संख्या और खराब रिजल्ट की वजह से शिक्षा विभाग ने दोनों स्कूलों के एकीकरण का निर्णय लिया है।
वर्ष 1924 से 1953 तक राजकीय बालिका इंटर काॅलेज की बिल्डिंग में ही चला छात्रों का विद्यालय
शहीद मेजर राजेश अधिकारी जीआईसी के पूर्व शिक्षक हेमंत बिष्ट बताते हैं कि जीआईसी की स्थापना का श्रेय बाबू कृश्टोदास व वाचस्पति पंत को जाता है। उस दौरान यह विद्यालय शहर के अयारपाटा में था। वर्ष 1910 से पहले यह विद्यालय डायमंड जुबली के नाम से जाना जाता था। कॉलेज की स्थापना वर्ष 1899 में हुई थी। वर्ष 1924 से 1953 तक यह विद्यालय राजकीय होने के साथ जीजीआईसी की बिल्डिंग में चला। 1946 में इसका इंटर तक उच्चीकरण किया गया। 1951 में नौ से 12 तक की कक्षाओं को डीएसबी परिसर से संबद्ध किया। जबकि छह से 10 तक की कक्षाओं के लिए हरिनगर में गोरखा सैनिकों की बैरकों का चयन किया गया। 1976 में इंटर की कक्षाएं वर्तमान बिल्डिंग में चलने लगीं।
कई प्रमुख नाम हैं जुड़े स्कूल से
पांच नवंबर 2008 से कारगिल युद्ध में शहीद महावीर चक्र विजेता मेजर राजेश अधिकारी के नाम पर जीआईसी का नामकरण किया गया। यहां से ओलंपियन सैय्यद अली, साहित्यकार हिमांशु जोशी, पूर्व नेवी प्रमुख एडमिरल डीके जोशी इसी विद्यालय के छात्र रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की पत्नी सुशीला तिवारी ने जीजीआईसी से अध्ययन किया।
जीआईसी और जीजीआईसी का एकीकरण करने का विचार किया गया है। फिलहाल, दोनों कॉलेजों से सुझाव मांगे गए हैं। एकीकरण के बाद बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा मिलेगी।
- गोविंद जायसवाल, सीईओ