फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital News: नैनीताल बचाने के लिए शिफ्ट होगा जीआईसी भवन

विज्ञापन
शहीद मेजर राजेश अधिकारी राइका के इस भवन व परिक्षेत्र को ध्वस्त कर बनाया जाना है मार्ग। संवाद - फोटो : NAINITAL
विज्ञापन
नैनीताल। देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले महावीर चक्त्रस् से सम्मानित कारगिल शहीद मेजर राजेश अधिकारी के नाम से पहचाना जाने वाला जीआईसी अब शिफ्ट होगा। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन की विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में विस्थापन पर मुहर लग चुकी है और इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
विज्ञापन

ब्रिटिश काल से संचालित राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना 1899 में शिक्षा प्रेमी बाबू कष्टोदास और पंडित वाचस्पति पंत ने अयारपाटा में डायमंड जुबली नाम से की। 1910 में इसका राजकीयकरण हुआ। 1924 में विद्यालय अयारपाटा से वर्तमान राजकीय बालिका इंटर कालेज भवन में स्थानांतरित हुआ। 1946 में विद्यालय के उच्चीकरण के बाद 1953 तक छह से आठ की कक्षाएं जीजीआईसी और नौ से बारह तक की कक्षाएं डीएसबी में संचालित हुईं।
1953 में छात्र-छात्राओं के लिए पृथक विद्यालय की आवश्यकता देखते हुए छह से हाईस्कूल तक के छात्रों की कक्षाएं गोरखा लाइन (वर्तमान स्थल) और इंटर की डीएसबी में संचालित होने लगीं। वर्ष 1976 में इंटर की कक्षाएं वर्तमान जीआईसी में स्थानांतरित हुईं। तभी से विद्यालय इसी स्थान पर संचालित हो रहा है। पांच नवंबर 2008 को उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर विद्यालय शहीद मेजर राजेश अधिकारी जीआईसी नैनीताल नाम से नामित हुआ।
विज्ञापन

इनसेट
र्पू्व नौ सेना अध्यक्ष और अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल रहे एडमिरल डीके जोशी इसी विद्यालय के छात्र रहे। इसके अलावा आईआरएस कौशल श्रीवास्तव, आईएएस तारकेंद्र वैष्णव, आईआरएस कमलेश अरगल, सीएमओ रहे डॉ. एलएम उप्रेती, हल्द्वानी मेयर जोगेंद्र सिंह रौतेला समेत कई अन्य ने सेना समेत केंद्र और राज्य के प्रतिष्ठित शासकीय पदों पर रहते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया।
इनसेट
30 हजार वर्ग फीट में फैला है विद्यालय
जीआईसी विद्यालय लगभग 30 हजार वर्गफीट क्षेत्र में फैला है। विद्यालय में छह से बारहवीं कक्षा के दो से तीन सेक्शन के लिए कक्षाओं समेत भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान प्रयोगशाला, वाचनालय, जिला पुस्तकालय, विशाल मैदान है जो बलियानाला से सटा हुआ है। वर्तमान में छठी से बारहवीं तक कुल 129 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। स्काउटए एनसीसी, नेवल की सुविधा वाले विद्यालय में वर्ष 2018 में बलियानाला में हुए भू-स्खलन और विस्थापन की संभावनाओं के चलते प्रवेश का ग्राफ गिरा है।
कोट
नगर की सुरक्षा के लिए बलियानाला संरक्षण जरूरी है। प्रशासन की ओर से विद्यालय को जीजीआईसी में विस्थापित करने के आदेश दिए जा चुके हैं। विद्यालय ने विस्थापन की तैयारी शुरू कर दी हैं।
-राजेंद्र सिंह अधिकारी प्रधानाचार्य जीआईसी
कोट
बलियानाले का संरक्षण का कार्य किया जाना है। सबसे पहले जीआईसी के बलियानाला से लगे मैदान तक मार्ग बनाया जाना है। कार्य के लिए मशीनरी वहां पहुंच सके। इसी कड़ी में जीआईसी का विस्थापन किया जा रहा है
विज्ञापन

-धीराज गर्ब्याल डीएम

नैनीताल हल्द्वानी मार्ग में स्थित शहीद मेजर राजेश अधिकारी राइका का प्रवेश द्वार।- फोटो : NAINITAL

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें