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विकराल आग ने बदल दी कई हेक्टेयर जंगल की सूरत

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हल्द्वानी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग हल्द्वानी रेंज का 40 हेक्टेयर से अधिक जंगल आग की भेंट चढ़ चुका है। वन अधिकारी जंगल में आग लगने की सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। बुधवार को हल्द्वानी रेंज के इंद्रपुर से सटे गांव में लगी आग के बाद अमर उजाला की टीम ने रेंज के जंगलों का जायजा लिया तो ये हकीकत सामने आई।
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तीनपानी से इंद्रपुर तक करीब 12 किलोमीटर का क्षेत्र आग की चपेट में आया है। इंद्रपुर के जंगल में मंगलवार को लगी आग से 200 से अधिक पेड़ पूरी तरह से जल गए हैं। करीब 100 पेड़ों में दूसरे दिन भी आग लगी थी। आग से एक किलोमीटर क्षेत्र के अधिकतर पेड़ जलकर राख हो गए हैं। झाड़ियां, चिड़ियों के घोंसले, जंगली मुर्गी और मोर के अंडे जल गए हैं। दूर-दूर तक वन्यजीवों के खाने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। उधर, वन अधिकारी सिर्फ आठ हेक्टेयर वन जलने की बात कह रहे हैं। गोरापड़ाव के पीछे वन विभाग के मिश्रित जंगल भी आग से धधक रहे हैं। विभागीय टीम मौके पर नहीं दिखी। पूरे जंगल में एक भी वनकर्मी नहीं दिखाई दिया। क्रू स्टेशन में जरूर दो वनकर्मी मौजूद थे।
कंट्रोल बर्निंग के नाम पर कई जंगल फूंक दिए
वन विभाग ने कंट्रोल बर्निंग के नाम पर आधे जंगल जला डाले। अमर उजाला की टीम ने तीनपानी में उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी से लेकर तेजपुर नेगी तक के जंगल का मुआयना किया। इस दौरान यहां कंट्रोल बर्निंग के नाम पर पूरे जंगल में आग लगाई गई थी। जंगल में बड़े पेड़ों को तो कुछ नहीं हुआ था लेकिन घास समेत वनस्पति और छोटे पेड़ पूरी तरह जल चुके हैं।
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वन्यजीवों के सामने भोजन का संकट
जंगली जानवरों के सामने भोजन का संकट पैदा हो गया है। करीब 12 किमी जंगल का अधिकतर हिस्सा आग की भेंट चढ़ चुका है। जंगल में पानी के तालाब सूख गए हैं। जंगली जानवरों के सामने भोजन -पानी का संकट पैदा हो गया है।
खंडहर बन गया क्रू स्टेशन
हल्द्वानी रेंज के प्लाट संख्या 155 में स्थित क्रू स्टेशन खंडहर में तब्दील हो गया है। क्रू स्टेशन में एक भवन है। उस पर लंबे समय से ताला लगा है। एक झोपड़ी है, जिसकी छत की घास गल चुकी है। यहां पर न तो कोई वायरलेस सेट है, न ही कोई अग्निशमन उपकरण रखा है। वहीं, क्रू स्टेशन में तैनात वनकर्मी कुंदन सिंह ने बताया कि विभाग ने आग बुझाने के लिए सिर्फ एक पंजी दे रखी है।
फायर लाइन साफ होती तो बच सकता था जंगल
वन विभाग ने समय रहते फायर लाइन की सफाई नहीं की। फायर लाइन साफ करने के लिए जो पैसा आया उस बजट को भी किधर खपाया, अनुत्तरित है। 12 किमी क्षेत्र में एक जगह ही फायर लाइन काटी गई थी। इसके अलावा सभी फायर लाइनों में लंबी-लंबी झाड़ियां उगीं थीं। एक वॉचर ने बताया कि करीब 10 साल से फायर लाइन की सफाई नहीं हुई है। उसने कहा कि फायर लाइन की सफाई हुई होती तो जंगल के कुछ हिस्से को बचाया जा सकता था।
मेरे वन क्षेत्र में कहीं आग नहीं लगी है। विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है। कई जगह पूर्व में वन विभाग की ओर से कंट्रोल बर्निंग करने के लिए आग लगाई गई थी। - उमेश आर्या, वन क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी रेंज
जलसंस्थान ने आग बुझाने के लिए भेजे चार टैंकर
हल्द्वानी। हरिपुर जमन सिंह गांव में आग बेकाबू होने पर जलसंस्थान से भी मदद मांगी गई। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संजय श्रीवास्तव ने बताया कि आपदा कंट्रोल रूम से निर्देश मिलने के बाद देर शाम मौके पर पानी के चार टैंकर भेजे गए। दमकल विभाग को आग पर नियंत्रण पाने के लिए जलसंस्थान की ओर से पानी आपूर्ति करने में हर संभव मदद की जा रही है।
दो झोपड़ियों में लगी आग, गैस सिलिंडर फट गया
हल्द्वानी। आरटीओ रोड क्षेत्र में भी दो झोपड़ियों में बृहस्पतिवार दोपहर अचानक आग लग गई। आग की लपटों से रसोई गैस सिलिंडर फट गया, गनीमत यह रही कि झोपड़ी में मौजूद बटाईदारों के परिवार तब तक सुरक्षित जगह पर पहुंच गए थे।
घटना की सूचना पर दमकल टीम, पुलिस और स्थानीय लोगों ने किसी प्रकार आग को काबू में किया। आग से दोनों झोपड़ियों में रखा अनाज और बिस्तर जलकर नष्ट हो गया। आरटीओ रोड चौकी प्रभारी निर्मल सिंह लटवाल ने बताया कि एक झोपड़ी अजय पाल की थी, जो दिनेश जोशी के खेत का बटाईदार है। दूसरी झोपड़ी राकेश पाल की है जो दयाल जोशी का बटाईदार है।
इनके अलावा अमलताश निवासी सरदार जसपाल सिंह और गुरविंदर सिंह के गेहूं की फसल में बृहस्पतिवार शाम आग लग गई। पुलिस ने टैंकरों और लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। आम्रपाली चौकी प्रभारी त्रिभुवन सिंह ने बताया कि आग से गेहूं की फसल नष्ट हो गई है। बताया कि किसानों के खेत के बीच में ट्रांसफार्मर है, आशंका है कि शॉर्टसर्किट के चलते डेढ़ एकड़ फसल में आग लगी है। इधर, चांदनी चौक गरवाल निवासी पान सिंह परगाई के खेत में आग लग गई। पता चला कि जंगल की आग की चिंगारी छिटककर गेहूं की फसल पर गिर पड़ी, जिससे तीन बीघा फसल जलकर नष्ट हो गई। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग को काबू में किया।
आग की घटनाएं बढ़ीं तो बुझाने के लिए कम पड़ गईं गाड़ियां
हल्द्वानी। जिले में जंगलों से लेकर रिहायशी बस्ती तक आग की घटनाएं लगातार बढ़ने से अग्निशमन विभाग के पास गाड़ियां और जवान कम पड़ गए हैं। पता चला कि चार गाड़ियां और 37 जवान कुंभ भेजने के कारण स्थिति अनियंत्रित हो गई है। अग्निशमन विभाग ने मदद के लिए होमगार्ड की मांग वरिष्ठ अधिकारियों से की है।
हल्द्वानी। जिले में तीन दिन से आग की घटनाएं बढ़ रही हैं। जंगलों के अलावा खेत में फसलों को आग से काफी नुकसान हुआ है। स्थिति तब अनियंत्रित हो गई जब बुधवार को हल्दूचौड़ के आनंदपुर गांव के पास जंगल में आग फैल गई। पांच जगहों पर आग लगने से दमकल की गाड़ियां कम पड़ गईं। बृहस्पतिवार को भी जंगलों के अलावा आरटीओ रोड और आम्रपाली लामाचौड़ में आग लग गईं, जिसे बुझाने के लिए गाड़ियां और जवान कम पड़ गए।
कर्मचारियों ने बताया कि जिले से चार गाड़ियां, सात लीडिंग फायरमैन समेत 37 जवान कुंभ में गए हैं। गाड़ियां कम होने के कारण एक जगह की आग बुझाने के बाद गाड़ियां दूसरी जगहों पर भेजी जा रही हैं। अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह को भी कुंभ ड्यूटी में लगाया गया है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान में 30 जवान ही हैं। इनमें से कुछ अवकाश पर हैं। किसी तरह से आग की घटनाओं को नियंत्रित किया जा रहा है। इधर, सीएफओ कार्यालय से जवानों की कमी को पूरा करने के लिए एसएसपी के माध्यम से होमगार्डों की मांग की गई है। सीएफओ संजीवा कुमार भी पारिवारिक कारणों के चलते देहरादून में हैं।
कुमाऊं में 352 आग लगने की हुईं घटनाएं
हल्द्वानी। जंगल की आग से सैकड़ों हेक्टेयर वन संपदा प्रभावित हो चुकी है। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में आरक्षित, वन पंचायत और सिविल वनों में आग लगने की कुल 913 घटना हो चुकी हैं। इसमें कुमाऊं मंडल में 352 घटनाएं हुई हैं, जिसमें करीब 502 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा नष्ट हो गई। कुमाऊं मंडल में दो हजार छह सौ पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। प्लांटेशन वाला क्षेत्र भी आग से प्रभावित हुआ है। प्रदेश में 53 हेक्टेयर में प्लांटेशन वाला क्षेत्र प्रभावित हो चुका है।
गोशाला में आग से मवेशी और महिला झुलसी
हल्दूचौड़ (नैनीताल)। तेजपुर नेगी गांव में बृहस्पतिवार शाम छह बजे ग्रामीण जयपाल सिंह नेगी की गोशाला में आग लग गई। घटना में तीन मवेशी और उन्हें बचाने गई महिला झुलस गई। ग्रामीणों ने आग पर बमुश्किल काबू पाया। आग से गोशाला में रखा पशुओं का चारा और अन्य सामान जलकर राख हो गया है। पशु चिकित्सकों ने झुलसे मवेशियों का इलाज किया। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ों के धधकने निकली चिंगारी से गोशाला जली है। वहीं, दुम्काबंगर उमापति गांव में खीमानंद मिश्रा और नंद किशोर मिश्रा के खेत से गुजर रही एलटी लाइन की चिंगारी फसलों तक पहुंच गई। इससे तीन बीघा में लगी गेहूं एवं गन्ने की फसल जल गई।
पीसीसीएफ ने सभी डीएफओ को भेजा पत्र
हल्द्वानी। प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी ने क्रू स्टेशनों पर वनाग्नि सुरक्षा कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में सभी डीएफओ को पत्र भेजे हैं। पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक क्रू स्टेशन पर चार से छह श्रमिक रखे जाएंगे और वे एक टीम के तौर पर कार्य करेंगे। क्रू स्टेशन पर तैनात कर्मियों की सुबह-शाम ड्रिल कराने, फायर लाइन और मार्गों पर पड़ी पत्तियों की सफाई कराने को भी कहा है।
आग से घिर गए हल्द्वानी के गांव
सुबह से आसमान में छाया रहा काला धुआं, ग्रामीण दहशत में पड़े
हल्द्वानी। शहर के इर्द-गिर्द हल्दूचौड़, आनंदपुर और शीतला मंदिर के पास आग लगने से ग्रामीण दहशत में हैं। हवा के झोंके ग्रामीणों को डरा रहे हैं। आनंदपुर गांव के पास करीब आठ किमी के दायरे में आग बुझाने के लिए लोग ट्रैक्टर और टैंकर लेकर उतर गए। हैरो से ग्रामीणों ने फायर लाइन काटी और टैंकरों की मदद से आग को काबू में किया।
हल्दूचौड़ के जंगल में बुधवार को आग लग गई थी। वन विभाग और फायर ब्रिगेड के प्रयास से आग बुझा ली गई लेकिन भीषण आग से रातभर ग्रामीण दहशत में थे। आनंदपुर के पास जंगल में बृहस्पतिवार सुबह आग लग गई। ग्राम प्रधान संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष कुंदन सिंह बोहरा ने बताया कि उन्हें आग के बारे में सुबह दस बजे सूचना मिली। इसके बाद उन्होंने रेंजर, पुलिस और दमकल को जानकारी दी। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम आ गई थी लेकिन आग तेजी से बढ़ती जा रही थी। हवा के झोंकों से आग गेहूं और गन्ने के खेत तक पहुंच गई। आनंदपुर की ग्राम प्रधान कुसुम बोहरा के नेतृत्व में गांव के लोग आग बुझाने के लिए आगे आए। गांव के कुलदीप सिंह बिष्ट, प्रदीप बिष्ट, उत्तम सिंह, रवींद्र सूर्या, कुकी बिष्ट, भगवान सिंह, भुवन सिंह दरम्वाल, तरुण कुलयाल, कमल सुयाल, बिट्टू बिष्ट, नन्हें सिंह दरम्वाल ट्रैक्टर और टैंकर लेकर आग बुझाने में जुट गए। हैरो से ग्रामीणों ने फायर लाइन काट दी। इस बीच आग आनंदपुर, चांदनी चौक गरवाल, भगीरथ बेलबाबा मंदिर तक पहुंच गई थी।
ग्रामीणों ने शाम तक टैंकरों की मदद से आग को काबू में किया। शाम तक आग जंगल के पेड़ों तक सिमट गई लेकिन आसमान में काला धुआं देर शाम तक फैला रहा। तीन किलोमीटर दूर बैठे लोग भी आठ किलोमीटर के दायरे में फैली आग का धुआं देखकर दहशत में पड़ गए। इधर शीतला मंदिर के समीप आग लगने से दमुवाढूंगा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण दहशतजदा हो गए। फायर ब्रिगेड की गाड़ी ऊपर तक पहुंच नहीं सकती है। इस कारण सिर्फ वन विभाग की टीम देर रात तक आग बुझाने में लगी थी।
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