पॉलीथिन की धरपकड़ बंद होने से बाजार में प्रतिबंधित पॉलीथिन खुलेआम इस्तेमाल हो रही है। फड़, ठेली से लेकर दुकानों में ग्राहकों को पॉलीथिन में ही सामान दिया जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा पॉलीथिन की धरपकड़ कर जुर्माने की मासिक समीक्षा बंद करने के साथ ही निगम कर्मचारियों ने भी चेकिंग बंद कर दी है।
हाईकोर्ट ने नैनीताल जिले में हर तरह की पॉलीथिन पर रोक लगाई है। कोर्ट की फटकार के बाद जिला प्रशासन ने हर नगर निकाय में कमेटियां गठित की हैं।
कमेटियों में प्रशासन, निगम, पुलिस कर्मी शामिल हैं। कमेटी हर महीने पॉलीथिन की चेकिंग, जुर्माने की समीक्षा कर रिपोर्ट कोर्ट को सौंपती थी। पिछले कई महीनों से जिला प्रशासन ने समीक्षा बंद कर दी है।
जिसके बाद से जिले में पॉलीथिन चेकिंग का अभियान ही बंद हो गया है। हल्द्वानी पॉलीथिन का सबसे बड़ा गढ़ है। फड़, ठेलियों से लेकर दुकानों में प्रतिबंधित पॉलीथिन भरी पड़ी है।
प्रशासन, निगम या फिर पुलिस का कोई अफसर देखने वाला नहीं है। जिन उपभोक्ताओं ने कुछ महीनों पहले तक सामान लाने के लिए कपड़े का थैला साथ रखना शुरू कर दिया था वो भी अब पॉलीथिन के आदी हो गए हैं।
फल एवं सब्जी से लेकर बाजार में हर सामान प्रतिबंधित पॉलीथिन पर दिया जा रहा है। घर पहुंचकर यहीं पॉलीथिन नाली, सड़क में फेंकी जाती है। जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।