नैनीताल। जीबी पंत (रैमजे) अस्पताल जल्द ही एक बार फिर डॉक्टर पहले की तरह मरीजों का उपचार करते नजर आएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने रैमजे अस्पताल की मरम्मत के लिए 50 लाख का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। साथ ही डॉक्टर और अन्य संसाधन जुटाए जाएंगे।
नैनीताल में 1892 में कुमाऊं कमिश्नर हेनरी रैमजे की याद में बनाया अस्पताल बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध था। आजादी के बाद रैमजे को जीबी पंत अस्पताल नाम दे दिया गया। बीते दो दशकों से अनदेखी के चलते अस्पताल में संसाधनों का अभाव रहने लगा। करोड़ों की लागत से अस्पताल के पुराने भवनों का जीर्णोद्धार तो कराया गया लेकिन जरूरत के अनुसार चिकित्सक तैनात नहीं किए गए। इससे रैमजे अस्पताल मात्र ए टाइप पीएचसी रह गया है जहां मुश्किल से अब प्रतिदिन चार से पांच लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में अस्पताल में एक डॉक्टर समेत सात नर्सिंग स्टाॅफ, दो फार्मासिस्ट, तीन वार्ड बॉय और दो पर्यावरण मित्र कम चौकीदार तैनात हैं।
अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के प्रयास चल रहे हैं। सीएमओ डॉ. हरीश चंद्र पंत ने बताया कि अस्पताल के भवन की मरम्मत के लिए शासन को 50 लाख का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रस्ताव पास होते ही अस्पताल के भवन की मरम्मत की जाएगी। डॉक्टर, स्टाफ और अन्य व्यवस्थाएं जुटाकर दोबारा अस्पताल को पहले की तरह संचालित किया जाएगा।