भीमताल (नैनीताल)। 18 माह बाद रानीबाग-भीमताल मोटर मार्ग पर सफर करने वाले लोगों को जाम की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग ने रानीबाग के पास 7.17 करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहे स्टील ग्रेडर टूलेन पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह काम 18 माह बाद पूरा हो जाएगा।
यह पुल 28 टन तक का भार आसानी से उठा सकेगा। वर्तमान में रानीबाग का पुल 14 टन भार ही उठा पता है। ऋषिकेश की हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी पुल का निर्माण कर रही है। पुल से एक साथ दो वाहन गुजर सकेंगे। इससे भीमताल, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, रानीखेत, धारी, धानाचूली और भवाली जाने वाले लोग जाम से बच सकेंगे और नैनीताल-ज्योलीकोट एनएच मार्ग पर भी परेशानी नहीं होगी।
लोनिवि के ईई एबी कांडपाल ने कहा कि रानीबाग में 7.17 करोड़ की लागत से टूलेन पुल 18 माह में बनकर तैयार हो जाएगा। पुल बनने से जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। पुल की क्षमता भी 28 टन हो जाएगी।
नंदौर नदी में पांचवां गेट खुलने का रास्ता साफ
चोरगलिया (नैनीताल)। नंधौर नदी में खनन के लिए पांचवें गेट के खुलने का रास्ता साफ हो गया है। वन विकास निगम के एमडी मोहसिन मलिक की ओर से पांचवें गेट के लिए कार्यालय खोलने के लिए छह लाख 45 हजार की धनराशि जारी करने के आदेश दिए हैं।
नंधौर नदी में पांचवां गेट बनाने के लिए कड़ापानी प्रथम गेट और कडापानी के बीच में जगह का चयन किया गया है। वन विकास निगम की ओर से धर्म कांटा, कैमरा, जीपीएस लगाने के लिए पूर्व में टेंडर हो गए थे। इस गेट में क्षेत्रीय लोगों का 40 प्रतिशत पंजीकरण जिला खनन समिति की ओर से आरक्षित किया गया है, शेष साठ प्रतिशत अन्य जिलों के व्यवसाय के लिए तय किया गया है।
वाहन पंजीकृत समिति के अध्यक्ष पान सिंह मेवाड़ी ने कार्यालय भवन निर्माण की अनुमति मिलने पर विधायक नवीन दुमका, वन विकास निगम के अध्यक्ष सुरेश परिहार एवं सरकार का आभार व्यक्त किया है।
नगर वन योजना में बनेगा बच्चों का पार्क
हल्द्वानी। नगर वन सिटी फारेस्ट योजना में बच्चों के लिए पार्क को विकसित किया जाएगा।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले चीड़ डिपो की वन भूमि को नगर वन के लिए चिह्नित किया गया है। करीब दस हेक्टेयर में योजना को तैयार किया जाना है। इसके लिए संयुक्त निरीक्षण भी हो चुका है। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त जीवन चंद्र जोशी ने बताया कि नगर वन का प्रोजेक्ट तैयार करने की जिम्मेदारी तराई केंद्रीय वन प्रभाग को सौंपी जा चुकी है। प्रभाग प्रोजेक्ट तैयार करने का काम कर रहा है।
डीएफओ अभिलाषा ने बताया कि अभी कार्य प्रारंभिक चरण में है। नगर वन में बच्चों के लिए झूले आदि होंगे। साथ ही नगर वन में लोगों को दौड़ने के लिए ट्रेल का निर्माण किया जाएगा। बैठने का इंतजाम होगा। नगर वन विकसित होने से लोगों के पास एक जगह होगी, जहां वे अपने परिवार के साथ समय बीता सकेंगे। केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भी वन विभाग से नगर वन विकसित करने प्रस्ताव मांगा हुआ। इस योजना के लिए मंत्रालय बजट भी देने को भी तैयार है।