हल्द्वानी। जिलाधिकारी वंदना सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह तीन दिन के भीतर कलसिया, रकसिया और देवखड़ी नालों का आकलन तैयार कर उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि मानसून सीजन से पहले नालों की सफाई समेत अन्य कार्यों को करा लिया जाए।
बता दें कि तीन दिन पहले डीएम ने नालों की सफाई के अलावा नंधौर नदी के आपदा संभावित क्षेत्रों को लेकर लोनिवि, राजस्व, सिंचाई और वन विभाग के अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए थे। शनिवार को डीएम ने उन दिशा निर्देशों के पालन को लेकर बैठक की। बैठक में मौजूद विभागीय अधिकारियों ने डीएम के समक्ष आपदा संभावित नालों की सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने कहा कि नैनीताल रोड पर वॉकवे के पास से सौरभ होटल तक नालों में कूड़ा फंसने से पानी ओवरफ्लो होता है जिससे नुक़सान होता है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारी को निर्देश दिए कि वह मानसून अवधि में हर रोज नालों में कूड़ा मिलने पर उसे हटवाना सुनिश्चित करें। उपजिलाधिकारी परितोष वर्मा ने डीएम को तीनों नालों की लैंडमार्क की जानकारी दी। बताया कि तीनों नालों में एकत्रित मलबे, कचरे की सफाई और मलबे की निकासी की जिम्मेदारी अलग अलग विभागों को सौंप दी गई है। वन विभाग ने 11 लाख 41 हजार की लागत से देवखड़ी नाले में मलबा व कचरा सफाई के साथ पांच वायरक्रेट लगवाने समेत अन्य कार्यों के लिए आकलन तैयार किया है। वन विभाग की ओर से नालों में तात्कालिक कार्य किया जाएगा जिससे इस बार के मानसून में नुकसान को रोका जा सके। वन विभाग ने अपने अपने क्षेत्रों में चाल खाल बनाने की भी योजना बनाई है। डीएम को बताया गया कि रकसिया नाले की लंबाई लगभग दस किमी है। इस नाले में सिंचाई, वन विभाग और नगर निगम की ओर से अपने क्षेत्रों में रिवर चैनेलाइजेशन कचरा और मलबा सफाई का कार्य तात्कालिक उपचार के तौर पर किया जाएगा। रकसिया नाले के दमवाढूंगा क्षेत्र में वन विभाग, चंबलपुर से रत्नपुर तक सिंचाई विभाग, रत्नपुर से लालडांठ और बिड़ला स्कूल के आसपास तक नगर निगम की ओर से मलबा और कचरा सफाई का कार्य किया जाएगा। कलसिया नाले में सिंचाई विभाग ने पोकलैंड मशीन लगाकर चैनलाइजेशन की योजना तैयार की है जिसका आकलन किया जा रहा है। कहा कि हफ्तेभर में तीनों नालों में सुरक्षात्मक कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। बैठक में नगर आयुक्त विशाल मिश्रा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे।