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गौला में बंद नहीं होगा खनन

Thu, 23 Apr 2015 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
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गौला में खनन बंद नहीं होगा। वन निगम एमडी ने गौला में पहले तय 54 लाख घनमीटर से ज्यादा खनिज की निकासी करने का आदेश जारी कर दिया है। हालांकि सेंट्रल स्वॉयल वाटर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएसडब्ल्यूआरटीआई) ने करीब 44 लाख घनमीटर ही खनिज निकालने को कहा था। वनाधिकारियों के अनुसार कोसी, दाबका, शारदा की तरह केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की तय ‘शर्त’ (प्रतिवर्ष मात्रा निर्धारण) में यह नदी नहीं आती है।
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केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने हर साल कोसी, शारदा, दाबका आदि में कितना खनन किया जाए, उसकी सीएसडब्ल्यूआरटीआई से मात्रा तय कराने को कहा है। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ही इन नदियों में खनन होता हैै। पिछले साल वन महकमे ने गौला कॉरिडोर क्षेत्र में जमे खनिज के संबंध में सीएसडब्ल्यूआरटीआई को अध्ययन करने को कहा। इस संस्था ने पूरे खनन क्षेत्र का भी अध्ययन कर लिया है, इसमें मात्रा को 44 लाख घनमीटर बताया था।

इसके बाद तराई पूर्वी वन प्रभाग तय मात्रा के हिसाब से 24 अप्रैल तक ही खनन कराने की तैयारी में था, पर अब वन निगम एमडी ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि इस संबंध में 10 अप्रैल को केंद्रीय वन मंत्रालय से निर्देश मांगे, लेकिन कोई स्पष्ट आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा मात्रा में बदलाव करने का अधिकार केवल केंद्र और राज्य सरकार को है। ऐसे में शासन या वन निगम से लक्ष्य परिवर्तन के संबंध में कोई आदेश नहीं होता है, पूर्व तय 54 लाख 25 हजार घनमीटर लक्ष्य के अनुसार खनन हो सकता है।
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वहीं, इस आदेश के आते ही डंपर स्वामियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। गौला खनन संघर्ष समिति सचिव पम्मी सैफी, अरशद अयूब का कहना है कि इस आदेश के होने से लोगों को आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। तराई पूर्वी डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते का कहना है कि भारत सरकार के निर्देश में ऐसी कोई शर्त नहीं है कि रिपोर्ट के आधार पर ही खनन होगा। ऐसे में पूर्व लक्ष्य के अनुसार ही खनन किया जाएगा। एमडी का आदेश वन निगम के आरएम कार्यालय और वन विभाग के डीएफओ कार्यालय में भी पहुंच गया है।
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