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3600 क्यूसेक पहुंचा गौला का जलस्तर

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बढ़ गया गौला में पानी। - फोटो : HALDWANI
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हल्द्वानी। दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश के बाद गौला का जलस्तर बढ़कर 3600 क्यूसेक पहुंच गया है। सुरक्षा की दृष्टि से अधिकारियों ने जल पुलिस के साथ ही अवर अभियंताओं की ड्यूटी लगा दी गई है।
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शुक्रवार सुबह आठ बजे गौला का जलस्तर 345 क्यूसेक रिकार्ड किया गया था। सिंचाई विभाग के गौला बैराज प्रभारी अवर अभियंता मनोज तिवारी ने बताया कि दिनभर में हुई बारिश के बाद गौला 3600 क्यूसेक पहुंची है। सुरक्षा की दृष्टि से गौला के दो गेट खोले गए हैं। जलसंस्थान को पानी की सप्लाई जारी है। रात में बारिश होने और जलस्तर बढ़ने पर गौला के सभी गेट खोल दिए जाएंगे। बैराज के गेट खोलने की सूचना श्रीलंका टापू और किच्छा बैराज को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि गौला बैराज में सभी 11 अवर अभियंताओं की क्रमवार 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। दिन में दो नियमित गौला बैराज के प्रभारी अवर अभियंता मनोज तिवारी और कैलाश बिष्ट गौला बैराज की ड्यूटी पर हैं, जबकि अन्य अभियंताओं को बारी-बारी ड्यूटी दी गई है। बैराज में जल पुलिस की तैनाती कर दी है। वायरलेस सैट और टेलीफोन भी लगाए हैं। गौला बैराज का दूरभाष नंबर 94120-85700 है।
बारिश से तापमान नौ डिग्री लुड़का
हल्द्वानी। हल्द्वानी में शुक्रवार तड़के काफी देर तक बारिश हुई। इसके बाद कुछ देर के लिए बारिश रुक गई और फिर 10:25 बजे से रिमझिम बारिश होती रही। हालांकि दोपहर बाद बारिश फिर रुक गई। शाम तक घने बादलों ने डेरा जमाए रखा। इससे तापमान में नौ डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं कई दिनों से उमस झेलने के बाद लोगों को राहत महसूस हुई। बारिश और ठंडी हवा चलने से अधिकतम तापमान नौ डिग्री नीचे 26.9 और न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मुक्तेश्वर का तापमान भी सात डिग्री नीचे 15.9 डिग्री जा पहुंचा, जबकि न्यूनतम 13.9 डिग्री सेल्सियस रहा। इधर, मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटे में पर्वतीय क्षेत्र नैनीताल समेत पांच जिले पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, चंपावत में कहीं कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं 20 जून को भी नैनीताल में तेज बारिश की संभावना है। संवाद
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खेड़ा गौलापार में बदलेंगे नाले का रुख
हल्द्वानी। ग्राम सभा खेड़ा गौलापार में जंगल से लगा हुआ नाला ग्रामवासियों के लिए सिरदर्द बन गया है। बारिश में नाले का पानी खेतों और आसपास के घरों में घुस जाता है। ग्राम प्रधान पति अर्जुन बिष्ट ने बताया कि पिछले साल बरसात में भी नाले का पानी घरों में घुस गया था और खेतों का भी कटान हुआ था। गांव के पास ही सीआरपीएफ का कैंप भी है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सीआरपीएफ के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता हुई, जिसमें तय हुआ कि नाले का रुख सूखी नदी की ओर मोड़ने और नाले को पक्का करने पर सहमति बनी। इस दौरान मोती राम, नंदू सुयाल, प्रकाश आर्या, पूरन लाल आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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