गौला में खनन की तैयारी तेज हो गई है। नौ दिसंबर से खनन शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले वन निगम कर्मियों को ई-रवन्ना की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
गौला में सामान्य तौर पर अक्तूबर या नवंबर के पहले सप्ताह में खनन शुरू हो जाता है। लेकिन, इस बार अभी तक खनन शुरू नहीं हो पाया है। इसका एक कारण वन निगम की ई-रवन्ना को लेकर तैयारी पूरी न होना भी रहा है। इसके अलावा नोटबंदी के चलते भी खनन व्यवसायी श्रमिक, ड्राइवर, क्लीनर आदि के भुगतान को लेकर उहापोह में थे। अब कैश का संकट कम हो रहा है, इसके अलावा वन निगम द्वारा गौला के शीशमहल, आंवला खेड़ा, गोरा पड़ाव, शांतिपुरी, लालकुआं में ई-रवन्ना के मोबाइल टावर लगाए जा चुके हैं, जल्द ही इंद्रानगर गेट पर टावर लगने की संभावना है।
ऐसे में वन निगम ने नौ दिसंबर से खनन शुरू कराने का फैसला किया है। वन निगम आरएम एमपीएस रावत का कहना है कि नौ दिसंबर से कुछ गेटों से खनन शुरू किया जाएगा, उसके बाद क्रमवार सभी 11 गेटों को खोला जाएगा। 15 दिसंबर तक सभी गेट खोलने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, वन निगम कर्मियों को ई-रवन्ना की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसमें एक मिनट में कितने ई-रवन्ना जारी हो रहा है, डंपरों के गेट से पास होने में कितना समय लग रहा है, वन निगम कर्मियों को क्या सावधानी रखनी चाहिए आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा।