फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

23 करोड़ की लागत से बचेगा गौला पुल

विज्ञापन
हल्द्वानी गौलापुल। अमर उजाला
विज्ञापन
हल्द्वानी। गौलापुल को बचाने की कवायद शुरू हो गई है। गौला नदी में खनन नहीं रुकता देख एनएचएआई आईआईटी रुड़की के प्लान बी के तहत गौला पुल को बचाएगा। पुल को बचाने के लिए 23 करोड़ रुपया खर्च होगा। एनएचएआई इसके लिए बजट मुहैया कराएगी। उधर, लोक निर्माण विभाग इस काम की निर्माण एजेंसी होगी।
विज्ञापन

पिछले साल आई बाढ़ के कारण गौलापुल की एप्रोच रोड बह गई थी। साथ ही पुल को भी खतरा पैदा हो गया था। पुल की एप्रोच रोड बहने के कारण गौलापार जाने वाले लोगों को काठगोदाम से होकर आना-जाना पड़ रहा था। एनएचएआई ने इसके बाद एप्रोच रोड को सही कर किसी तरह सड़क को सुचारु किया। इसके बाद एनएचएआई ने गौला पुल, एप्रोच रोड को बचाने के लिए आईआईटी रुड़की की टीम को बुलाया था। आईआईटी रुड़की ने पुल और एप्रोच रोड को बचाने के लिए गौला नदी में खनन पूर्ण बंद करने को कहा था। इसके बाद एनएचएआई ने यह प्रस्ताव जिलाधिकारी को भिजवाया लेकिन वहां से कोई उत्तर नहीं मिला।
इसके बाद एनएचएआई ने आईआईटी रुड़की से इसके अलावा पुल को बचाने के लिए दूसरा प्लान मांगा। उस प्लान में अब एनएचएआई काम कर रहा है। एनएचएआई ने इस प्लान को लोक निर्माण विभाग को भेजते हुए कार्यदायी संस्था बनने का अनुरोध किया था। लोनिवि ने इस अनुरोध को मानते हुए इसके लिए विस्तृत डीपीआर बनाते हुए एनएचएआई को भेज दी है।
विज्ञापन

इस डिजाइन के अनुसार गौला पुल को बचाने के लिए 23 करोड़ रुपया खर्च होगा। अब एनएचएआई इस प्रस्ताव को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजेगा। वहां से बजट स्वीकृत होते ही गौला पुल को बचाने का काम शुरू होगा।
एप्रोच रोड और पुल ऐसे बचेगा
हल्द्वानी। आईआईटी रुड़की ने गौला पुल और एप्रोच बचाने के लिए रिवर के डाउन और अप स्ट्रीम में नदी के बहाव को चैनेलाइज (धीमा) करने के लिए कहा था। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी ने बताया कि आईआईटी रुड़की ने गौला पुल के 50 मीटर डाउन स्ट्रीम में डैम बनाने के लिए कहा था। इसमें नदी तल से आठ मीटर ऊंचाई में जीआई जाल की मदद से ब्लॉक बनाने, ऊपरी हिस्से में सीमेंट के ब्लॉक बनाने और अप स्ट्रीम में रिवर आबादी क्षेत्र की ओर न कटान करे इसके लिए सीमेंट के क्यूबिक आकार के ब्लॉक बनाने के लिए कहा था। साथ ही पिलरों को बचाने के लिए भी पिलर के बाहरी भाग में प्रोटेक्शन वाल बनाई जाएगी। कहा कि गौला नदी में बाढ़ आने पर पत्थर, रेत इस ब्लॉक में अटक जाएंगे। इससे नदी का तल आगे की तरफ ऊंचा हो जाएगा। इससे पुल और एप्रोच रोड को कोई खतरा नहीं होगा।
कोट
लोनिवि िसे रुड़की की डिजाइन के हिसाब से पुल को बचाने के लिए प्रस्ताव देने के लिए कहा था। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए 23 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दे दिया है। इस प्रस्ताव को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भेजकर बजट मांगा जाएगा। - योगेंद्र शर्मा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई
एनएचएआई ने लोनिवि से निर्माण एजेंसी के रूप में कार्य करने का अनुरोध किया था। इसके बाद लोनिवि ने उनका अनुरोध स्वीकार करते हुए आईआईटी रुड़की के डिजाइन के हिसाब से विस्तृत डीपीआर बनाकर एनएचएआई को भेज दिया है। - अशोक चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें