नैनीताल। इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज एंड डेवलेपमेंट रिसर्च (आईपीएसडीआर) की ओर से यूजीसी-एचआरडीसी सभागार में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक समारोह ऋतुरंग 2022 का रंगारंग आगाज हुआ। मैनेजमेंट और एमएड के विद्यार्थियों ने पंजाबी, राजस्थानी, गढ़वाली, कुमाऊंनी गीतों, झोड़े, चांचरी से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
शनिवार को समापन अवसर पर मुख्य अतिथि कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी, डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. एलएम जोशी, आईपीएसडीआर निदेशक प्रो. अमित जोशी, शोध एवं प्रसार निदेशक प्रो. ललित तिवारी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती की आराधना और कुलगीत से शुरू हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गीत और नृत्य पेशकर धूम मचा दी। विद्यार्थियों ने ‘प्योलड़िया त्वे देखिक औंदी यो मन मां, तेरो मेरो साथ छ यो पैल जनम मां’, ‘मेरी रश्मि रुमैला ओटुवा बेलणां’ जैसे कुमाऊंनी गीतों से लोगों को प्रफुल्लित कर दिया। छात्रों ने बैंड से कुमाऊंनी और पुराने गीतों की सुरमई प्रस्तुति दी तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. जोशी ने कहा कि वार्षिक सांस्कृतिक समारोह हमारे देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतिबिंब हैं। प्रो. जोशी ने विभिन्न सांस्कृतिक, तकनीकी, बिजनेस एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और मेडल देकर पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का संचालन मानसी पांडे, नवनीत, अनस अहमद व रश्मि चौहान ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिवाशीष भंडारी, आर्यन वशिष्ठ, अनंत, पवन बहुगुणा, निकिता भाकुनी, प्रेषिता शारदा, अनुष्का चौहान, वैष्णव जलाल, करीना ने सहयोग किया। कार्यक्रम में उप कुलसचिव दुर्गेश डिमरी, अभिराम पंत, डॉ. प्रदीप जोशी, नवीन पनेरु, मोहित सनवाल, डॉ. विनोद जोशी, डॉ. सारिका जोशी, डॉ. वैशाली बिष्ट, कैलाश सिराला, गिरीश चंद्र पांडेय, लता पांडे, अभिलाषा साह, प्रदीप रौतेला आदि मौजूद रहे।