भीमताल (नैनीताल)। जिला पंचायत नैनीताल की ओर से ग्रामीणों क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक भवनों के निर्माण पर शुल्क लेने के विरोध में प्रधान लामबंद होने लगे हैं। भीमताल में ग्राम प्रधानों ने ब्लॉक प्रमुख को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताते हुए शुल्क लेने के निर्णय का विरोध किया है।
मंगलवार को भीमताल ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट के माध्यम से जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया को ज्ञापन भेजकर ग्रामीणों क्षेत्रों में शुल्क नहीं लगाए जाने की मांग की है। प्रधानों ने कहा है कि जिला पंचायत की ओर से शुल्क लगाने का निर्णय गलत है। इससे ग्रामीणों को परेशानियां होंगी। प्रधानों ने जिला पंचायत अध्यक्ष से इस निर्णय पर रोक लगाने की मांग की है। प्रमुख डॉ. बिष्ट ने कहा कि वह जिला पंचायत अध्यक्ष से इस संबंध में वार्ता करेंगे। ज्ञापन में प्रधान संगठन अध्यक्ष हेमा आर्या, उपाध्यक्ष राधा कुल्याल, संरक्षक हरगोविंद सिंह रावत, दीपांशु जीना, मुन्नी पलड़िया, पूरन भट्ट, खष्टी राघव, जया देवी आदि के हस्ताक्षर हैं।
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जिला पंचायत से शुल्क संबंधी निर्णय वापस लेने की मांग
कालाढूंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक भवनों के निर्माण पर शुल्क लगाए जाने के जिला पंचायत के निर्णय का प्रधान संगठन ने विरोध किया है। उन्होेंने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से जिला पंचायत अध्यक्ष को भेजे ज्ञापन में कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब तबके का आदमी रहता है। वह मुश्किल से मकान का निर्माण कर पाता है। कर लगाने से गरीब लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। प्रधानों ने चेतावनी दी है कि जिला पंचायत ने निर्णय वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। कोटाबाग के ब्लाक प्रमुख रवि कन्याल ने भी जिला पंचायत के इस फैसले का विरोध किया है। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष हीरा बल्लभ बधानी, मदन बधानी, विनोद बुधलाकोटी, महेंद्र सिंह बजवाल, चंद्रप्रकाश बुधलाकोटी, माया गोस्वामी,निर्मला कांडपाल, सुधा तिवारी, विपिन भट्ट, पद्मा जोशी, मीनाक्षी देवी, दीपक गोस्वामी, राजेंद्र कौर समेत कई प्रधान मौजूद रहे। संवाद
भीमताल में ब्लॉक प्रमुख डॉ हरीश बिष्ट को ज्ञापन सौंपते ग्राम प्रधान। संवाद- फोटो : BHIMTAL