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Nainital News: मुफ्त किताबें पहुंचीं, पर बच्चों के हाथों से दूर

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प्रतीकात्मक।
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हल्द्वानी। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए निशुल्क पुस्तकें यहां पहुंच तो गईं हैं लेकिन बच्चों के हाथों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण स्कूल बंद है और कोई विद्यालय किताबों को छात्र-छात्राओं को बांटने के लिए स्कूल खोलने की जहमत नहीं उठा रहा है।
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सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को हर वर्ष शासन की तरफ से निशुल्क किताबें दी जाती हैं। अप्रैल से सत्र शुरू होने के बाद करीब दो माह तक स्कूल खुले। इस बीच कुछ किताबों का वितरण किया गया, लेकिन किताबों की कमी के कारण सभी कक्षाओं में इनका वितरण नहीं हो पाया। जिले में कक्षा एक से 12 वीं तक के करीब 1337 शासकीय और अशासकीय विद्यालय हैं। इनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों के दो लाख से अधिक किताबों की डिमांड शिक्षा विभाग ने भेजी। राजपुरा स्कूल में स्थित विभागीय पुस्तक भंडार से संकुल केंद्रों तक किताबें पहुंचाई जा रही हैं। इसके बाद यहां से स्कूलों को किताबें भेजी जा रही हैं। गर्मी की छुट्टियों के बीच कई स्कूलों तक किताबें पहुंच गई हैं, लेकिन स्कूल बंद होने के कारण ये किताबें स्कूलों में जमा हैं। अवकाश के बीच किसी एक दिन स्कूल खोलकर किताबों का वितरण करने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। इससे छुट्टियों के कारण घर बैठे बच्चों को किताबें पढ़ने के लिए नहीं मिल रही हैं। अभिभावकों ने कहा कि किताबें नहीं होने के कारण उनके बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं। किताबों को बांटने के लिए अवकाश के बीच भी सप्ताह में एक दिन स्कूल खुलना चाहिए। ताकि बच्चों कि छुट्टियां बेकार न जाएं और वे घर पर अध्ययन कर सकें।
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कक्षा एक से 12 वीं तक के विद्यार्थियों की करीब 70 प्रतिशत किताबें आ चुकी हैं। ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद ही इनका वितरण होगा।
- पीएल टम्टा, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी
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