लालकुआं (नैनीताल)। हल्दूचौड़ के कारोबारियों ने एफएलटू डिस्ट्रीब्यूशन और जमीन बिक्री के मामले में रुद्रपुर निवासी कारोबारी प्रवीण अरोड़ा और प्रवीण सुखीजा के खिलाफ लालकुआं कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। इस पर पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हल्दूचौड़ निवासी दो कारोबारियों की फर्म ने रुद्रपुर स्थित एक अन्य फर्म के साथ एफएलटू (शराब) के कारोबार में डिस्ट्रीब्यूशन पर पार्टनरशिप थी। इसके तहत आरोपी प्रवीण अरोड़ा पुत्र मुलखराज अरोड़ा निवासी प्रीत विहार कॉलोनी रुद्रपुर और प्रवीण सुखीजा निवासी लक्ष्मी विलास थापर कंपाउंड रुद्रपुर की फर्म एसएस इंजीनियरिंग एवं डेवलपर्स ने हल्दूचौड़ निवासी ओम प्रकाश पांडे और चंद्र बल्लभ की फर्म पीके ग्रुप ऑफ इंटरप्राइजेज से समझौता किया था।
एफएलटू वितरण के लिए पीके ग्रुप ऑफ इंटरप्राइजेज को सब डिस्ट्रीब्यूटर बनाया गया। नैनीताल जनपद का क्षेत्र मिलने पर हल्दूचौड़ के कारोबारियों ने संचालित फर्म द्वारा 25 लाख रुपये जमा किए। पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप है कि तीन चार महीने तक तो कारोबार हुआ, लेकिन बाद में तय शर्तों का पालन नहीं हुआ। लिहाजा इकरारनामा स्थगित कर दिया गया। इसके बाद आरोपी प्रवीण अरोड़ा तथा प्रवीण सुखीजा ने इकरारनामा दोबारा से करने की बात कही और समझौता किया गया कि इसके एवज में वह उन्हें 37 लाख 95 हजार देंगे। ओम प्रकाश पांडे ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि आरोपियों ने जालसाजी कर समझौता का पालन न करते हुए डिस्ट्रीब्यूशन का काम एक अन्य व्यक्ति को दे दिया। इस पर जब दोनों आरोपियों से बात की तो उन्होंने उनके पैसे के एवज में चेक दिए, जो बाउंस हो गए।
बाद में आरोपियों ने कहा कि चेक को नहीं लगाएं, क्योंकि अभी अकाउंट में पैसा नहीं है। इस एवज में उन्होंने 1800 वर्गफीट के चार प्लॉट बिलासपुर तहसील के अंतर्गत डिबडिबा गांव में देने और 4 लाख रुपये नगदी देने की बात कही। आरोप लगाया कि रजिस्ट्री के लिए कहने पर आरोपी उन्हें टालने लगे। इस पर हल्दूचौड़ के कारोबारियों को ठगी का अहसास हुआ। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार का कहना है कि पुलिस ने मामले में दो व्यक्तियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कर तफ्तीश शुरू कर दी है।