ठीक चुनाव से पहले ही आईएसबीटी के शिलान्यास समारोह में कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी इस बार भी समारोह में हुए विवाद के केंद्र में रहे।
आयोजकों ने हर कांग्रेसी नेता को मंच पर जगह दी पर राहुल बिग्रेड के खास सिपाही प्रकाश जोशी के लिए मंच पर कुर्सी लगाई नहीं गई थी। जब प्रकाश जोशी मंच पर जाने लगे तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इस पर वह बिफर पड़े। इसके बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत और विधानसभा अध्यक्ष आदि जोशी को मनाते नजर आए।
चुनाव के लिहाज से आईएसबीटी का शिलान्यास समारोह कांग्रेस के लिए खासा महत्वपूर्ण माना गया। वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश के निर्वाचन क्षेत्र में मुख्यमंत्री हरीश रावत की उपस्थिति इस बात को पुष्ट भी कर रही थी। इतना होने पर कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आ ही गई।
बीते दिनों कौसानी में कांग्रेस की बैठक में प्रदेश सरकार की जमकर आलोचना हुई थी। इस बैठक का आयोजन प्रकाश जोशी ने ही किया था। इससे पहले हल्द्वानी में ही हुए कांग्रेस के विधानसभा सम्मेलन में भी प्रकाश जोशी ने आला नेताओं की खुले मंच से जमकर क्लास ली थी।
शायद यह पहले की ही खटास रही होगी कि मंच पर प्रकाश जोशी के लिए कुर्सी लगाई ही नहीं। यही हाल पूर्व सांसद महेंद्र पाल का भी था। महेंद्र पाल कांग्रेस अगेंस्ट करप्शन विभाग के अध्यक्ष हैं और बीते दिनों किशोर के नजदीक भी आए। महेंद्र पाल के लिए मंच पर कोई स्थान ही नहीं था।
मंच पर कोई स्थान न देखकर बिफरे प्रकाश जोशी ने मंच पर पहुंचकर विरोध जताया। महेंद्र पाल हालांकि सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं बोले पर उनके पक्ष को जिलाध्यक्ष नैनीताल सतीश नैनवाल ने मंच पर मौजूद विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के सामने रखा।
एतराज जताने का ही सबब था कि मंच पर ही मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश महामंत्री खजान पांडे आदि प्रकाश जोशी को मनाते नजर आए। इसके बाद मुख्ममंत्री हरीश रावत ने भाषण में प्रकाश जोशी का जिक्र किया।
वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने कार्यक्रम में देर से शुरू होने से लेकर लेकर जिनको ‘असुविधा’ हुई, उनसे माफी मांग ली। खुद प्रकाश जोशी बाद में इस मामले को अपनी तरफ से संभालते नजर आए।
जोशी बाद में बोले कुछ नहीं हुआ
मंच पर क्या हुआ? प्रकाश जोशी से सवाल पर पूछने पर जोशी का कहना कि ‘कुछ नहीं’ हुआ। कार्यक्रम बहुत अच्छा था। मुख्यमंत्री आ रहे हैं.... कहते हुए प्रकाश जोशी कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गए। वहीं, कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कालाढूंगी विकास मंच के महेश शर्मा का कहना था कि यह स्टंट था? या विरोध लोग समझ ही लेंगे।
-हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पुलिस नहीें पहचान पाई। जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे पुलिसकर्मियों को चिह्नित करें और उनके खिलाफ कार्यवाही करें। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को आदर नहीं मिला तो उनका नाराज होना स्वभाविक है।
-मुख्यमंत्री हरीश रावत(प्रकाश जोशी के नाराज होने पर प्रतिक्रिया)