फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital News: एनेस्थीसिया के चलते अटके चार ऑपरेशन, हंगामा

Thu, 26 Oct 2023 02:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
विज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी। एसटीएच में भर्ती मरीजों के सामने बार-बार आपॅरेशन को लेकर दिक्कत आ रही है। ईएनटी विभाग के अंतर्गत भर्ती चार मरीजों का ऑपरेशन अटकने के चलते तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा। तीमारदारों ने अस्पताल में डॉक्टरों के सामने विरोध जताया। सूचना पर पहुंचे प्रभारी प्राचार्य के आदेश के बाद भी मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो पाया।
विज्ञापन



सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में सोमवार को ऑपरेशन के लिए चार मरीज भर्ती हुए थे। इनमें से एक की नाक की सर्जरी और अन्य तीन की कान की सर्जरी होनी थी। ऑपरेशन के लिए एनेस्थीसिया विभाग को मंगलवार सुबह प्री-एनेस्थीसिया चेकअप (पीएसी) करना था। ओपीडी बंद होने के चलते तीमारदारों ने बेड साइड पीएसी के लिए अनुरोध किया था। पीएसी के लिए मरीजों को ओपीडी में बुलाया गया जबकि बेड साइड भी किया जा सकता था। बुधवार को ओपीडी खुलने के बाद भी पीएसी नहीं होने के चलते ऑपरेशन नहीं हो पाए। ऑपरेशन के लिए परेशान होने के चलते तीमारदार भड़क गए और डॉक्टरों से शिकायत की। अस्पताल में हंगामे की स्थिति बनने पर ईएनटी के विभागाध्यक्ष डॉ. शहजाद अहमद की सूचना पर प्रभारी प्राचार्य राम गोपाल नौटियाल और चिकित्सा अधीक्षक जीएस तितियाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों को पीएसी के लिए आदेश दिए। इसके बाद भी एनेस्थीसिया से ऑपरेशन के लिए फिटनेस नहीं मिल सकी।




पहले विवाद में रहा है एनेस्थीसिया विभाग

हल्द्वानी। एनेस्थीसिया विभाग पहले भी विवादों में रह चुका है। कुछ ही दिन पहले बागेश्वर की 11 वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में परिजनों ने एनेस्थीसिया विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मामले में न्यूरो और एनेस्थीसिया विभाग के बीच विवाद चला था। ऑपरेशन के इंतजार में बच्ची की मौत हो गई थी।
विज्ञापन





प्राचार्य के आदेश के बाद भी नहीं हुआ ऑपरेशन

हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य राम गोपाल नौटियाल ने पीएसी के लिए एनेस्थीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष को निर्देश दिए। तीमारदारों के साथ ओपीडी में पहुंचे जहां कोई भी सीनियर रेजिडेंट नहीं होने पर नाराजगी जताई। आरोप है कि जूनियर रेजिडेंट ने भी ऑपरेशन के लिए फिटनेस मामले में प्रभारी प्राचार्य के आदेश की अनसुनी कर दी।



स्वयं एनेस्थीसिया की ओपीडी में जाकर मरीजों की पीएसी के लिए आदेश दिया था। इसके बाद भी पीएसी नहीं हुई। यह प्राचार्य के आदेश की अवहेलना और अनुशासनहीनता है। एनेस्थीसिया की विभागाध्यक्ष ने पीएसी का आश्वासन दिया था। - राम गोपाल नौटियाल, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज



मरीज सोमवार को भर्ती हुए थे। मंगलवार सुबह पीएसी होना था। सरकारी अवकाश के चलते भर्ती मरीजों का पीएसी बेड साइड हो सकता था। पीएसी नहीं होने के कारण चार ऑपरेशन नहीं हो पाए हैं। - डॉ. शहजाद अहमद, ईएनटी विभागाध्यक्ष



ईएनटी में भर्ती मरीजों के जो ऑपरेशन होने थे वह हुए हैं। विभाग अपना काम सही प्रक्रिया अपनाते हुए कर रहा है। ओपीडी में आए बिना मरीज ओटी लिस्ट में शामिल नहीं होता है।
विज्ञापन


- डॉ. गीता भंडारी, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें