ारी के सरना में चार माह पूर्व खिले बुरांश के फूल। संवाद
- फोटो : BHIMTAL
पहाड़पानी (नैनीताल)। पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों में आमतौर पर अप्रैल महीने में बुरांश खिलता है। इस बार चार महीने पहले दिसंबर में ही जगल बुरांश के फूलों से महकने लगे हैं। पहाड़पानी, धारी, सरना, मुक्तेश्वर, गुनियालेख के घने जंगलों में बुरांश के पेड़ों में फूल खिले हैं। बुरांश के फूल सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। स्थानीय निवासी समय से पहले बुरांश खिलने की वजह जलवायु परिवर्तन मान रहे हैं।
ग्रामीणों को रोजगार तो सैलानियों मिलता है स्वाद
बुरांश का फूल स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का जरिया है। मार्च और अप्रैल में खिलने वाले बुरांश के फूलों को तोड़कर स्थानीय महिलाएं और ग्रामीण उसका जूस तैयार कर अपनी आजीविका चलाते हैं। बुरांश का जूस बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानी को बेहद पसंद करते हैं। बुरांश का जूस सेहत के लिए भी लाभकारी होता है। बुरांश का जूस हृदय रोगियों, डायबिटीज रोगियों, शरीर की त्वचा में जलन को कम करने, लिवर दुरुस्त रखने और लोगों की इम्युनिटी को मजबूत करने में सहायक होता है। बुरांश के जूस की मांग देश ही नहीं विदेशों तक रहती है।