भवाली (नैनीताल)। भवाली-सेनिटोरियम-रातीघाट बाईपास पर बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे भवाली से दूनीखाल जा रहे सैलानियों की एक्सवी महेंद्रा इलेक्ट्रिक कार ढैला गांव के पास अनियंत्रित होकर 300 फिट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार पति, पत्नी और उनके दो बच्चों समेत चालक की भी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक दंपति खटीमा के रहने वाले थे और वर्तमान में दिल्ली में रह रहे थे। लखनऊ में उनका मेडिकल का काम था।
जानकारी के मुताबिक मूल रूप से खटीमा मेन बाजार और वर्तमान में द्वारका दिल्ली निवासी भूपेंद्र सिंह चुफाल (48) पुत्र कृपाल सिंह, पत्नी सीमा कैड़ा चुफाल (45), पुत्र वासु चुफाल (19) और पुत्री रावी चुफाल के साथ भवाली के पास दूनीखाल जा रहे थे। बताया जा रहा है कि दूनीखाल में उनके साले राजेश रावत की कैंप साइड जहां उनके रूकने का कार्यक्रम था। कार अफसर नगर एलपीजी गोदाम लखनऊ निवासी अनुज कुमार मिश्रा (34) पुत्र दयासागर मिश्रा चला रहा था। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 1 बजे दूनीखाल से करीब तीन किमी पहले ढैलागांव के समीप कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। आसपास के लोगों को जोरदार आवाज सुनाई तो लोग मौके पर पहुंचे। यहां आसपास के लोगों और रोड पर रुके चालकों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। हालांकि सिग्नल नहीं होने के चलते सूचना देने में थोड़ा देर हुई।
सूचना मिलते पर भवाली पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पहुंचकर स्थानीय वाहन चालकों के साथ डेढ घंटे बाद सभी को रस्सी के सहारे सड़क तक पहुंचाया। तब तक हादसे में भूपेंद्र सिंह चुफाल, सीमा कैड़ा चुफाल, वासु चुफाल, रावी चुफाल और चालक अनुज कुमार मिश्रा (34) की मौत हो गई। घटना के दो घंटे बाद भी 108 एंबुलेंस नहीं आने के चलते मृतकों को निजी वाहन से भवाली सीएचसी पहुंचाया।
परिजनों के मुताबिक भूपेंद्र सिंह चुफाल का लखनऊ में मेडिकल का काम है। दिल्ली द्वारका में उनका फ्लैट है और काम के सिलसिले में वह लखनऊ आते-जाते रहते थे। बताया जा रहा है कि भूपेंद्र के साले राजेश ने अपने दीदी, जीजाजी को कैंप साइड घूमने बुलाया था। घटना के बाद राजेश रावत और अपनी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक का बेटा बीबीए करता था और बेटी स्कूल में पढ़ती थी। भवाली पुलिस क्षेत्राधिकारी रविकांत सेमवाल ने बताया कि खटीमा निवासी सभी लोग अपने रिश्तेदार के होटल में जा रहे थे। सीओ ने कहा कि प्रथम दृष्टया लापरवाही के चलते वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरने की आशंका है। हालांकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
काश नहीं बुलाया होता दीदी, जीजाजी लोगों को...
भवाली (नैनीताल)। भवाली में हुआ यह हादसा भूपेंद्र सिंह चुफाल के साले राजेश रावत को जीवन भर न भूलने वाला गम दे गया। बुधवार की शाम हंसते और मस्ती करते हुए छुट्टी मनाने भूपेंद्र राजेश रावत के दूनीखाल स्थित कैंप साइड में आ रहे थे। मृतक के साले राजेश रावत ने रोते हुए कहा कि, काश उन्होंने दीदी-जीजा जी लोगों को नहीं बुलाया होता तो उनकी और भांजे-भांजी की हादसे में जान नहीं जाती। राजेश और उनकी पत्नी दीदी-जीजा, भांजे-भांजी का शव देखकर बेसुध थे। घटना के बाद उनके भवाली में रहने वाले राजेश के रिश्तेदार भी भवाली सीएचसी पहुंचे। परिजनों ने बताया कि भूपेंद्र सिंह चुफाल मेडिकल कंपनी में कुछ समय तक हेड रहे थे। बाद में उन्होंने अपना ही मेडिकल का काम शुरू किया और अच्छा खासा बिजनेस खड़ा कर दिया था। खाई में जो वाहन गिरा वह कुछ समय से पहले ही खरीदा गया था।