गौला में खनन बंद होने की उलटी गिनती शुरू हो गई है, अगर बहुत बदलाव नहीं हुआ, तो केवल चार दिन ही नदी से रेता, बजरी निकाला जाएगा। नदी बंद होेने की खबर के साथ ही मजदूरों की संख्या भी कम होने लगी है।
गौला में खनन सत्र मई तक का है, पर इस बार सीएसडब्ल्यूआरटीआई ने खनन मात्रा करीब 11 लाख घनमीटर (पहले 54 लाख घनमीटर पहले था, जो 43 लाख घन मीटर रह गया) कम कर दी है। इसके चलते खनन का काम जल्द सिमटने जा रहा है। उप प्रभागीय वनाधिकारी एनसी पंत ने बताया कि नदी क्षेत्र में करीब पौने दो लाख घनमीटर खनिज ही बचा है, जिसके चलते चार दिन में खनन खत्म होने के आसार हैं। नदी बंद होने पर अवैध खनन रोकने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।