राजनीतिक गलियारों में हलचल के बीच पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और नारायण पाल दिल्ली रवाना हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों नेता शनिवार को (आज) कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस दोनों नेताओं को अपने पाले में दो सीटों को साधने की कोशिश में लगी है।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस कई विधानसभा क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए रणनीतिक प्रयास कर रही है। ठुकराल और नारायण पाल के पार्टी में शामिल होने से कांग्रेस को रुद्रपुर और सितारगंज सीटों पर अपनी चुनावी संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
दोनों नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है लेकिन दिल्ली रवाना होने की खबर ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया है। यह देखना होगा कि यह राजनीतिक चाल कांग्रेस के लिए कितनी प्रभावी साबित होती है और आगामी चुनावों में इसका क्या प्रभाव पड़ता है। पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ता भी इस घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। क्योंकि यह उनके लिए भी एक संकेत है।
राजकुमार ठुकराल का राजनीतिक सफर
दो बार विधायक रह चुके हैं नारायण
सितारगंज से नारायण पाल दो बार विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2002 व 2007 में उन्होंने बसपा के बैनर से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। हल्द्वानी से लेकर सितारगंज तक पाल की सक्रियता रही है।
कांग्रेस प्रदेश सह प्रभारी मनोज यादव व सुरेंद्र शर्मा ने फोन कर दिल्ली आने के लिए कहा है। मैं दिल्ली के लिए निकल गया हूं और संभवत: शनिवार को कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन करूंगा। - राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक
ठुकराल का चरित्र कांग्रेस से मिलता है : अरोरा
रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के कांग्रेस में ज्वाइनिंग की चर्चा पर विधायक शिव अरोरा ने चुटकी ली है। उनका कहना है कि ठुकराल का चरित्र कांग्रेस से मिलता है। कांग्रेस ने उन्हें लेने में देरी कर दी। ठुकराल ने जो कारनामे विधायक रहते हुए किए वह किसी से छिपे नहीं हैं। उनके परिवार के लोगों की उगाही को सब जानते हैं। भाजपा में आने के लिए ठुकराल फड़फड़ाते रहे, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। अपनी नेत्री का अपमान सहने के बाद कांग्रेस उन्हें स्वीकार कर रही है। इससे आगे और क्या कहा जा सकता है। ब्यूरो