नैनीताल। वन भूमि में हए अतिक्रमण पर वन विभाग हरकत में है। नैनीताल के आयारपाटा क्षेत्र में अवैध मजार को तोड़ने के बाद अब विभाग ने बारापत्थर क्षेत्र में घोड़ा चालकों की ओर से वन भूमि में किए तीन अतिक्रमण भी शनिवार को ध्वस्त कर दिए।
शनिवार को जिला प्रशासन, राजस्व, पुलिस और पालिका की टीम के साथ वन विभाग की टीम बारापत्थर क्षेत्र में पहुंची। 50 से ज्यादा लोगों की टीम को मौके पर देख वहां रह रहे घोड़ा चालकों में खलबली मच गई। टीम ने नक्शे के अनुरूप घोड़ा स्टैंड पर बने अस्तबल की नापाजोख की। इस दौरान वन भूमि पर घोड़ा चालकों का अतिक्रमण पाया गया। मौके पर मौजूद एसडीएम राहुल साह ने वन विभाग की टीम को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने घोड़ा चालकों से स्वयं अतिक्रमण हटा लेने को कहा लेकिन देरी होने पर वन विभाग की टीम ने अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। अतिक्रमण हटता देख घोड़ा चालकों ने सामान समेटना शुरू कर दिया।
लगभग दो घंटे तक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया।
वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी ने बताया कि विभाग ने तीन लोगों की ओर से किए गए अतिक्रमण हटाए हैं। इस दौरान टीम ने क्षेत्र में काटे गए पेड़ों की भी जानकारी ली। तिवारी ने बताया कि पेड़ काटने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान तहसीलदार नवाजिश खलीक, वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी, मुकुल शर्मा, कोतवाल धर्मवीर सोलंकी मौजूद रहे।
कोट-
- वन भूमि में किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दास्त नहीं किया जाएगा। वन भूमि में अतिक्रमण मिलने पर विभाग कारवाई करेगा। बारापत्थर क्षेत्र में भी घोड़ा चालकों को पूर्व में नोटिस जारी कर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। घोड़ा चालकों द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाने पर कार्रवाई अमल में लाई गई है। राजकुमार, उप प्रभागीय वन अधिकारी, नैनीताल