वन विभाग व वन निगम का पुतला फुकते ग्रामीण व ट्रांसपोर्टर
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नंधौर नदी में डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी खनन न खुलने पर ट्रांसपोर्टरों का सब्र का बांध टूट गया। बृहस्पतिवार को खनन से जुडे़ ग्रामीणों ने नंधौर नदी के कड़ापानी प्रथम गेट से डंपरों को जबरन नदी में ले जाने का प्रयास किया, जिसे वन विभाग और चोरगलिया पुलिस ने विफल कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों और ट्रांसपोर्टरों ने निकासी गेट के सामने वन विकास निगम का पुतला फूूंका और नारेबाजी की। ट्रांसपोर्टरों ने चोरगलिया सितारगंज मार्ग पर जाम लगाने की भी कोशिश की।
डंपर स्वामियों का कहना है कि डेढ़ वर्ष से नदी में खनन चालू नहीं हुआ है। इससे उनके समक्ष रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। बृहस्पतिवार को नंधौर नदी में ग्रामीणों और ट्रांसपोर्टरों द्वारा जबरन खनन करने की सूचना पर वन विभाग ने उन्हें रोकने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। नंधौर खनन निकासी के तीनों गेटों पर वन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे। तराई पूर्वी के उप प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश आर्या के पहुंचने पर समझाने के बाद किसी तरह ग्रामीण माने। ग्रामीणों और ट्रांसपोर्टरों ने वन विभाग एसडीओ प्रकाश आर्या को ज्ञापन देकर कहा कि अगर राज्य सरकार द्वारा 24 फरवरी तक नदी में खनन शुरू नहीं कराया गया तो 25 से नंधौर कड़ापानी प्रथम गेट में आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।