फड़ और ठेली वालों को व्यवस्थित करने के लिए शहर में फिर से वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। नगर निगम शुक्रवार से फड़-ठेली वालों के सर्वे की प्रक्रिया शुरू करेगा, इसके लिए हल्द्वानी एवं काठगोदाम क्षेत्र को छह जोन में बांटा गया है। सर्वे पूरा होने के बाद नान वेंडिंग जोन में फड़-ठेली लगाने पर जुर्माना और सामान जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम क्षेत्र में अव्यवस्थित तरीके से फड़-ठेलियां लगती हैं। इनसे न केवल शहर में जाम लगता है, बल्कि नगर निगम को तहबाजारी शुल्क भी नहीं मिलता है। पुलिस सत्यापन नहीं होने से कई आपराधिक प्रवृत्ति के लोग फड़-ठेली लगाकर बचे हुए हैं। उत्तराखंड सरकार ने सभी नगर निकायों के लिए वेंडर पालिसी लागू कर दी है। इसके तहत फड़-ठेली वालों के लिए शहर में जगह चिन्हित की जाएगी, जो वेंडर जोन होंगे।
गुरुवार को नगर निगम में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप नगर अधिकारी नीरज जोशी ने कहा कि एनयूएलएम योजना के तहत फड़ एवं ठेली वालों को व्यवस्थित किया जाएगा। शुक्रवार से फड़ एवं ठेलियों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे प्राइवेट एजेंसी करेगी, जिसे प्रति फड़ एवं ठेली का सर्वे करने पर 40 रुपए दिया जाएगा। सर्वे के लिए निगम क्षेत्र को छह जोन में बांटा है। सर्वे के बाद वेंडिंग कमेटी ही वेंडिंग जोन निर्धारित करेगी। वेडिंग जोन से बाहर फड़ एवं ठेलियां लगाना प्रतिबंधित होगा।
निगम के पास होगी कुंडली
वेंडिंग जोन में फड़ एवं ठेली लगाने वालों की कुंडली नगर निगम के पास रहेगी। वेंडर सर्वे फार्म में फड़ एवं ठेली वालों के नाम, पते के अलावा 35 बिंदुओं पर पूरी डिटेल भरी जाएगी। यह रिकार्ड पुलिस के साथ भी सांझा किया जा सकेगा।
तहबाजारी शुल्क में होगी वृद्धि
नगर निगम क्षेत्र में पांच हजार से अधिक फड़ एवं ठेलियां लगती हैं, लेकिन नगर निगम को महज एक हजार फड़ एवं ठेलियों से ही 25 रुपए प्रतिदिन तहबाजारी मिलती है। सर्वे पूरा होने के बाद निगम की तहबाजारी कई गुना बढ़ जाएगी।