रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से लगे रामनगर वन प्रभाग के टेड़ा गांव में नौ साल बाद एक साथ पांच सफेद गिद्ध दिखाई दिए हैं। इससे वन्यजीव प्रेमी बेहद उत्साहित और वन विभाग भी गिद्धों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। गिद्धों को अति संकटग्रस्त जीवों की श्रेणी में रखा गया है।
सफेद गिद्ध को वाइट रम्पड वल्चर कहा जाता है। रामनगर के आसपास विलुप्त हो चुके सफेद गिद्ध को टेड़ा गांव में दिखाई देना उनके होने का सुबूत है। एक साथ पांच सफेद गिद्ध दिखने से जहां वन्यजीव प्रेमियों को उम्मीद है कि इनका झुंड भी होगा। वहीं वन कर्मियों को वनाधिकारी की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि जहां सफेद गिद्ध दिखाई दें वहां पर किसी को न जाने दिया जाए। वन विभाग अब गिद्धों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है।
बता दें कि गिद्ध 1990 के दशक तक यह पूरे एशिया में व्यापक रूप से पाए जाते थे और इसको विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला मुर्दा खोर पक्षी माना जाता था लेकिन 1992 से 2007 तक इनकी संख्या 99.9 फीसदी तक घट गई और अब यह घोर संकटग्रस्त जाति की श्रेणी में पहुंच गया है, जो अब बहुत कम नजर आता है। (संवाद)
रिंगौड़ा से अचानक हुए थे गायब
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार बताते हैं कि 2012 में रिंगोड़ा गांव में इनकी अच्छी खासी तादाद थी लेकिन 2013 में अचानक ये सब वहां से गायब हो गए। वह बताते हैं कि गिद्ध को आहार शृंखला के सर्वोच्च स्थान पर रखा गया है और 90 के दशक में करीब 40 लाख गिद्ध भारत में थे, जो अनुमानित 14 लाख टन मांस को वार्षिक दर से समाप्त किया करते थे पर आज इनकी 99 फीसदी आबादी खत्म हो चुकी है।
विलुप्त की कगार पर पहुंचे गिद्ध
खेतों में फर्टिलाइजर के अधिक प्रयोग और पालतू जानवरों को बीमारियों से बचाने के लिए दी जाने वाली डाइक्लोफेनेक दवा ने गिद्धों को विलुप्त की कगार पर पहुंचा दिया। मृत मवेशी के शरीर से यह रसायन गिद्ध तक पहुंचकर उसकी किडनी पर गंभीर असर करता है, जिससे उसकी मौत हो जाती है।
पांच वर्ष में प्रजनन करते हैं गिद्ध
गिद्ध दीर्घायु होते हैं, लेकिन प्रजनन में बहुत समय लगाते हैं। गिद्ध प्रजनन में 5 वर्ष की अवस्था में आते हैं। एक बार में एक से दो अंडे देते हैं, लेकिन अगर समय खराब हो तो वह एक ही चूजे को खाना खिलाते हैं। यदि पर भक्षी इनके अंडे खा जाते हैं तो यह अगले साल तक प्रजनन नहीं करते हैं। यही कारण है कि भारतीय गिद्ध अभी भी अपनी आबादी बढ़ा नहीं पा रहा है।
- कोसी रेंज के टेड़ा गांव के पास पांच सफेद गिद्ध दिखाई दिए हैं। जिस जगह पर गिद्ध है वहां पर किसी को जाने की अनुमति नहीं है। वन विभाग गिद्धों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है।
- चंद्रशेखर जोशी, डीएफओ रामनगर वन प्रभाग