किच्छा। लालपुर में अनीता की हत्या को राजमिस्त्री ने अपने मुंहबोले साले की मदद से अंजाम दिया था। इसके बाद उसने लूटे जेवर को पत्नी और दामाद की सहायता से बेच दिया।पुलिस ने राजमिस्त्री, उसकी पत्नी, साले, दामाद और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
बुधवार को कोतवाली में प्रशिक्षु आईपीएस निशा यादव ने बताया कि 20 अप्रैल को लालपुर की बरौर नदी में महिला का शव मिला था। शव की पहचान ईशाखेड़ा शाहबाद रामपुर निवासी श्याम सुंदर ने अपनी पत्नी अनीता के रूप में की थी। श्याम सुंदर ने राजमिस्त्री विष्णु रस्तोगी पर पत्नी की हत्या करने और पहने जेवर लूटने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी विष्णु रस्तोगी निवासी सहोंद थाना शीशगढ़ बरेली हाल निवासी शान काॅलोनी लालपुर को उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार किया। बताया कि विष्णु ठेकेदारी का काम करता है और 15 अप्रैल को मजदूरी के लिए रुद्रपुर के तीनपानी अड्डे से अनीता को दिहाड़ी पर लेकर आया था। अनीता ने कान और गले में गहने पहने थे।
विष्णु ने अनीता को मारकर गहने लूटने की बात मुंहबाेले दिव्यांग साले चरनजीत निवासी ग्राम टिंगरा थाना हाफिजगंज बरेली को बताई थी। शाम को जब काम खत्म कर अनीता सामान लेने विष्णु के घर पर गई तो वहां चरनजीत पहले से मौजूद था।
विष्णु ने किचन में अनीता का गला पकड़कर उसे फर्श पर गिराया और उसके सिर पर ईंट मार दी। इसके बाद वहां पहुंचे चरनजीत ने जिस डंडे के सहारे वह चलता था, उससे अनीता पर चार वार किए। इसके बाद भी जब अनीता की सांसें नहीं थमीं तो आरोपी ने उसके सिर पर हथौड़े से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
देर शाम विष्णु ने अटरिया मेले से दो बच्चों के साथ लौटी पत्नी नीरज को घटना की जानकारी दी थी। नीरज ने अपने दामाद संजू गंगवार निवासी नवदिया मेथी थाना-नवाबगंज जिला पीलीभीत को बताया। इस पर संजू अपने दोस्त अभिषेक के साथ घर आया। अनीता की बालियां, गले के पैंडल, अंगूठी, चांदी के बिछुवा, पायल निकालने के बाद संजू और अभिषेक ने शव को बाइक पर ले जाकर नदी में फेंक दिया था।
काफी कर्ज में डूबा था आरोपी
अनीता हत्याकांड का मुख्य आरोपी राजमिस्त्री विष्णु ने अपने मकान बनाते समय कर्ज लिया था। उसने अपनी बाइक भी किश्तों पर ली थी। कर्ज चुकाने के लिए उसने अनीता के जेवर लूटकर हत्या की योजना बनाई।
शव की पहचान के बाद जुड़ती रहीं कड़ियां
15 अप्रैल की रात को हत्या के बाद अनीता का शव बरोर नदी में फेंक दिया गया। शव काफी सड़गल गया था। विष्णु को अंदेशा था कि मृतका यूपी बार्डर के पास की रहने वाली है। नदी में शव के सड़ने के बाद पहचान नहीं हो सकेगी और वह बच जाएगा लेकिन शव की पहचान के बाद पुलिस इस मामले में लीड मिलती चली गई और हत्यारे और शव ठिकाने लगने वाले गिरफ्त में आ गए।