पिछले साल फर्जी धान खरीद में पकड़ी गईं पांच मिलों को आरएफसी ने व्यापार करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। अब ये मिलें खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के साथ व्यापार नहीं कर पाएंगी।
पिछले साल धान खरीद सीजन में चावल मिलों ने जमकर धांधली की थी। मिलों ने पोर्टल के माध्यम से एक-एक दिन में हजारों क्विंटल धान की खरीद की। डेढ़ माह में ही चावल मिलों ने सरकार की ओर से तय धान खरीद का लक्ष्य पूरा कर लिया। इसके बाद आरएफसी ने इस मामले में जांच बैठा दी। जांच में सामने आया कि जसपुर की पांच मिलों ने धान खरीदा ही नहीं। कागजों में धान चढ़ा दिया।
फर्जी खरीद दिखाने पर पिछले साल ही इन पांचों मिलों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। ये मिल मालिक हाईकोर्ट गए। वहां से भी राहत नहीं मिली। आरएफसी ललित मोहन रयाल ने बताया कि इन पांच मिलों का इस बार विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण इस बार ये पांच मिलें धान कुटाई और धान खरीद नहीं पाएंगी।