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Haldwani: प्रशासन की लापरवाही से पूरे शहर में सज गईं पटाखों की दुकानें, दुकानदारों ने लगाया रिश्वत का आरोप

Wed, 30 Oct 2024 12:10 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

28 अक्तूबर से एक नवंबर तक के लिए आतिशबाजी की दुकानें लगाने के लिए पांच स्थान तय किए गए हैं। लेकिन तय स्थानों के अलावा रामपुर रोड, कालाढूंगी रोड आदि पर मुख्य मार्ग पर आतिशबाजी की दुकानें लगा ली गई हैं। प्रशासन के पास इनकी कोई जानकारी तक नहीं है।
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ऑटो स्टैंड के पास बिकते पटाखे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिवाली पर पटाखों की दुकानों के लिए पांच स्थान तय करने के बाद प्रशासन उसका पालन कराना भूल गया। इस कारण पूरे शहर में मुख्य मार्गों समेत गलियों में भी आतिशबाजी की दुकानें सज गईं। आग बुझाने का आसपास कोई इंतजाम न होने के कारण बड़ा हादसा होने का भी अंदेशा है।

 

28 अक्तूबर से एक नवंबर तक के लिए आतिशबाजी की दुकानें लगाने के लिए पांच स्थान तय किए गए हैं। इनमें एमबी इंटर कॉलेज मैदान, रामलीला मैदान हल्द्वानी, रामलीला मैदान ऊंचापुल, गन्ना सेंटर और हाट मैदान शामिल हैं। ये स्थान तय करने से पहले अग्निशमन विभाग की एनओसी भी ली गई थी। इन पांच स्थानों के अलावा रामपुर रोड, कालाढूंगी रोड, बरेली रोड आदि पर मुख्य मार्ग पर आतिशबाजी की दुकानें लगा ली गई हैं। प्रशासन के पास इनकी कोई जानकारी तक नहीं है।

सजावट के सामान के साथ बिक रहा बारूद

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देवलचौड़, आरटीओ रोड, गैस गोदाम रोड, छड़ायल, धान मिल रोड आईटीआई, पीलीकोठी समेत कई आंतरिक सड़कों पर आतिशबाजी की दुकानें सजी हैं। यहां सुरक्षा के लिए अग्निशमन यंत्र, बालू आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। इन दुकानों पर आतिशबाजी के साथ ही दीपावली के सजावट का सामान भी बिक रहा है।

तय स्थान पर भी नहीं हो रहा मानकों का पालन
प्रशासन की ओर से तय हुए स्थानों पर भी दुकानदार सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। नियमानुसार दो दुकानों के बीच तीन मीटर का अंतर होना चाहिए, मगर सभी दुकानें सटाकर लगा ली गई हैं। दुकानदार अन्य नियमों की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं।

दुकानदारों ने लगाया रिश्वत का आरोप

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रामलीला मैदान में लगे बाजार के एक दुकानदार ने प्रशासन पर रिश्वत लेकर ज्यादा जगह देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हम लाखों रुपये खर्च करके सामान लाए हैं, 50 हजार रुपए किराया देना पड़ रहा है। मगर प्रशासन रिश्वत लेकर मनमाने तरीके से दुकानें लगवा रहे हैं। जिसने ज्यादा रुपये दिए, उसे ज्यादा जगह दे दी गई। वहीं पूरे शहर में दुकानें लगने से तय स्थानों पर ग्राहक कम आने से उन्हें नुकसान हो रहा है।

 

क्या बोले जिम्मेदार
शहर में आतिशबाजी की बिक्री के लिए सिर्फ पांच जगह चिह्नित की गई हैं। इसके अलावा कहीं के लिए लाइसेंस नहीं दिया गया है। अवैध ढंग से दुकानें लगाने का मामला संज्ञान में आया है। बुधवार को चेकिंग अभियान चलाकर अवैध दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी।

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-गौरव किरार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।

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