तराई केंद्रीय वन प्रभाग हल्द्वानी रेंज के जंगल में अज्ञात करणों से आग लग गई। करीब 230 हेक्टेयर के जंगल में आग लगने से वन संपदा समेत कई पक्षियों के अंडे-बच्चे और कई मोर भी जलकर नष्ट हो गए। वहीं, वन विभाग की टीम सूचना देने के करीब तीन घंटे बाद मौके पर पहुंची। देर शाम तक वन विभाग की पांच टीमें आग बुझाने में जुटी हुई थी।
मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे तराई केंद्रीय वन प्रभाग के हल्द्वानी रेंज के प्रभाग के टांडा ब्लाक के प्लाट संख्या 68, 87, 88, 97, 98, 99 और 100 में आग लग गई। भीषण गर्मी के कारण देखते ही देखते आग ने ने बढ़ती ही चली गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी लेकिन टीम करीब तीन घंटे बाद करीब 2:30 बजे मौके पर पहुंची और आग बुझानी शुरू की। लेकिन तब तक आग टांडा ब्लाक के कई प्लाटों को अपनी चपेट में ले चुकी थी।
दवाग्नि से प्लाट संख्या 97, 99 व 100 में छोटे-बडे़ पेड़ सहित सबकुछ जलकर राख हो गया। देर शाम तक वन विभाग की पांच टीमें आग बुझाने में लगी हुई थीं। इधर, हल्द्वानी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी पूरन चंद्र जोशी हुई वार्ता में उन्होंने बताया कि फायर सीजन का पैसा लेट मिलने से कर्मचारियों की दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
पेट्रोल पंप के पास लगी आग
बेरीपड़ाव स्थित त्रिलोक सिंह फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप की बाउंड्री के पास दोपहर करीब 12 बजे अज्ञात कारणों से आग लगने से अफरातफरी मच गई। आननफानन में पंप पर कार्य कर रहे कर्मचारियों ने आग लगने की सूचना लालकुआं कोतवाली को दी। सूचना पर कोतवाली और हल्दूचौड़ चौकी पुलिस अग्निशमन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कर्मियों ने बताया कि यदि आग परिसर तक आ जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।