नैनीताल। जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए एसडीआरएफ टीम शनिवार को नैनीताल पहुंच चुकी है। टीम प्रभारी दीवान सिंह मेहता के नेतृत्व में राजभवन में रुकी हुई है। शनिवार को नैनीताल वन प्रभाग की प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. तेजस्विनी अरविंद पाटिल, उप प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चंद्र तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी व वन दरोगा हीरा सिंह शाही के साथ टीम के सदस्यों ने नगर के विभिन्न जंगलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वन विभाग की टीम के साथ ही टांकी क्षेत्र के जंगलों में लगी आग को बुझाया।
सुबह 11 बजे सबसे पहले टीम टांकी बैंड पहुंची। वहां पर टीम के सदस्यों ने पुराना राजभवन क्षेत्र के जंगलों में रास्तों में गिरे सूखे पत्तों को हटाया जिससे कि क्षेत्र के जंगल में आग लगने पर आग रास्ते से ऊपर न बढ़ने पाये। उसके बाद टीम ने टांकी के जंगलों में लगी आग को बुझाया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी व कर्मी भी उनके साथ आग बुझाने में जुटे रहे। टीम ने नगर के उन जंगलों का निरीक्षण किया जहां पर आग लगने की अधिक संभावना है।
इस दौरान टीम प्रभारी दीवान सिंह मेहता को डीएफओ ने प्रभाग के तहत विभिन्न वन रेंजों के बारे में बताया। वन विभाग के मुताबिक टीम के सदस्यों ने .25 हेक्टेयटर वन क्षेत्र में लगी आग को बुझाया। इस मौके पर तल्लीताल के एसओ बीएस ब्रिजवाल, नायब तहसील प्रियंका रानी, वन दरोगा हीरा सिंह शाही, देव सिंह शाही, गोपाल सिंह, महेंद्र सिंह घिल्डियाल, हरीश चंद्र, कुंदन सिंह, ललित पांडे, सचिन,चंदन, महेंद्र, तल्लीताल के एसओ बीएस ब्रिजवाल, नायब तहसील प्रियंका रानी आदि मौजूद थे।
नैनीताल। एसडीआरएफ टीम का नेतृत्व कर रहे दीवान सिंह मेहता ने बताया कि टीम में 25 सदस्य शामिल हैं। जिसमें दो सब इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह बिष्ट व राम सिंह बोरा, 17 रेस्क्यू जवान के अलावा टेक्नीशियन, पैरामैडिक्स, इलैक्ट्रीशियन, कुक तथा ड्राइवर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ का मुख्यालय देहरादून जौलीग्रांट में है। वर्तमान में तीन कंपनियां उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री व जमनोत्री, रुद्रप्रयाग के केदारनाथ व चमोली के बद्रीनाथ में तैनात हैं।
नैनीताल। कुमाऊं क्षेत्र में नियुक्त एसडीआरएफ के प्रभारी उप सेना नायक व एएसपी नैनीताल हरीश चंद्र सती ने बताया कि पिथौरागढ़ में एसडीआरएफ की एक टीम जिसमें 30 सदस्य शामिल हैं पूर्व से ही नियुक्त है। सती के मुताबिक शासन के निर्देशानुसार वर्तमान में जंगलों में लगी आग को बुझाने में स्थानीय प्रशासन, वन विभाग के सहयोग के लिए एक-एक टीम अल्मोड़ा, चंपावत व नैनीताल में आ चुकी है।
उन्होंने कहा कि संबंधित जिलों के डीएम, एसएसपी, एसपी, डीएफओ को एसडीआरएफ के उपयोग के बारे में बता दिया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही दमकल विभाग की ओर से समय मिलेगा एसडीआरएफ द्वारा तहसील, ब्लाक, थाना स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा तथा मौजूद उपकरणों की जानकारी दी जाएगी। सती के मुताबिक किसी भी आपदा की सूचना मिलने पर 9456596182 पर सूचना दी जा सकती है।