मुरादाबाद से बड़े अरमान से बेटे की बारात लेकर पिता को पता चला कि दुल्हन को पुलिस उठा ले गई तो वह मायूस हो गए। इसे अपमान और धोखाधड़ी मानकर उन्होंने युवती और उसके पिता के खिलाफ काठगोदाम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया कि जानबूझकर उनका अपमान किया गया जिस कारण बारात को लौटना पड़ा है।
मुरादाबाद रेलवे के सामने कोतवाली निवासी सरदार जसवंत सिंह ने तहरीर दी कि वह काठगोदाम में शादी करने के लिए एक बस और दो कार के साथ आए थे। शादी के लिए गुरुद्वारा में पाठ कर रहे थे। बाराती नाश्ता कर रहे थे। बारातियों में काफी लोग पंजाब से भी आए थे। करीब दो घंटे इंतजार के बाद दुल्हन के नहीं आने पर शक गहरा गया। पूछने पर पता चला कि लड़की ने दूसरे लड़के के साथ शादी कर ली है। इस पर बारातियों में सन्नाटा पसर गया। बारात में आए कुछ लोग थाने पहुंचे और तहरीर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़की और उसकेपिता ने समाज में बदनामी कर दी है।
शादी करने में उसके ढाई लाख रुपये खर्च हो गए हैं। थाना प्रभारी बी एल विश्वकर्मा का कहना था कि इस मामले में लड़की, पिता के साथ परिजनों के खिलाफ धारा 420, 501 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जसवंत के अनुसार उन्होंने लड़की को दी गई अंगुठी, चांदी की पाजेब और चार बिछुआ वापस मांग लिए हैं।
बाराती और घराती पक्ष भिड़े
शादीशुदा युवती के नारी निकेतन भेजे जाने के बाद उसके माता-पिता काठगोदाम स्थित घर पहुंचे। उस समय बारातियों को मालूम हो गया था कि लड़की शादीशुदा है। माता पिता के पहुंचने पर बाराती और घराती आपस में भिड़ गए। हंगामा होने पर पुलिस दोनों पक्षों को लेकर थाने आई। यहां थाना प्रभारी के साथ एसएसआई संजय जोशी ने दोनों पक्षों को समझाया। मुरादाबाद के लोगों को समझाया कि लड़की के पिता ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया है।