हल्द्वानी। छह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग ले चुकीं 21 साल की खोखो खिलाड़ी अंजु को सरकार की ओर से मदद नहीं मिलने से निराश हैं। वह राष्ट्रीय खेलों के साथ ही इसी वर्ष जनवरी में दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हुए वर्ल्ड कप कैंप का हिस्सा थीं। किराये के मकान में रहने वाली अंजू का सपना माता-पिता को अपनी छत देना है।
हल्दूचौड़ निवासी अंजु आर्या ने बताया कि उनके पिता महेश राम आर्या पेशे से किसान और माता ऋतु गृहिणी हैं। वह 28 साल से परिवार के साथ किराये के मकान में रहती हैं। सड़क हादसे का शिकार होकर उनके पिता दिव्यांग हो गए। सरकार और किसी जनप्रतिनिधि से कोई सहायता नहीं मिलने से अंजु ने नौकरी करने का निर्णय लिया। वर्तमान में वह लालकुआं में एक निजी स्कूल में खेल शिक्षिका के पद पर तैनात हैं। अब वह अगले साल होने वाले वाली नेशनल खो-खो स्पर्धा की तैयारी कर रही हैं।