रामनगर। मंडी समिति में लकड़ी व्यवसायियों को आवंटित स्थल से हटाने जाने का अंदेशा है। ऐसे में लकड़ी व्यवसायियों ने प्रेसवार्ता कर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
वन व्यवसायी संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि वर्ष 1998 में तत्कालीन यूपी के समय उन्हें लकड़ी रखने के लिए मंडी परिषद में जगह आवंटित की गई थी। तब से वे लगातार मंडी को मंडी शुल्क और आवंटित स्थल का किराया देकर अपना व्यवसाय करते चले आ रहे हैं। इसी साल फरवरी में मंडी ने उनका आवंटन निरस्त करने के लिए उन्हें नोटिस दिए थे। इस पर उन्होंने न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी।
10 सितंबर को हाईकोर्ट में मामले का निस्तारण न होने तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए गए थे। आरोप है कि मंडी समिति न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर उनको आवंटित जगह से गैर कानूनी ढंग से बेदखल किए जाने की कोशिश कर रही है। लकड़ी व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर उन्हें जबरन हटाने की कोशिश की गई तो वे आंदोलन के साथ ही न्यायालय में इस मुद्दे को उठाएंगे। वहां अनिल अग्रवाल खुलासा, लईक अहमद सैफी, मणि भारद्वाज, ताहिर हुसैन, अब्दुल मुतलिब, यूसुफ अहमद, अजय कुमार, इकराम अहमद आदि व्यवसायी थे। संवाद