दीपोत्सव के लिए हर कोई तैयारियों में जुटा है लेकिन हल्द्वानी की सड़कों और कई गलियों में अंधेरा गहरा रहा है। मुख्य मार्गों और वार्डों में स्ट्रीट लाइटें या तो खराब हैं या दिखावे के लिए लगी हैं। मुखानी चौराहा, नवाबी रोड, देवलचौड़, ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे सहित कई अन्य क्षेत्रों में में लोग अंधेरे में लौटते समय डर और परेशानी का सामना करते हैं। कई लोग टॉर्च की रोशनी के सहारे अंधेरा पार करते दिख जाते हैं।
दावे पूरे-सुविधाएं अधूरीं
जज फार्म : रात 10 बजे
वार्ड-52 में ए और जी ब्लाॅक की गलियों में अंधेरा पसरा है। रिहायशी इलाके में शुमार यह कालोनी आबादी से घिरी है। रात को भी यहां लोगों की आवाजाही होती है। पथ प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त न होने से विशेषकर बच्चों व बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
कालाढूंगी रोड : रात 10:30 बजे
मुखानी चौराहा : 9:30
यहां लगी स्ट्रीट लाइट खराब मिली। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार डेढ़ साल से खराब पड़ी लाइट को अभी तक सही नहीं कराया गया है। शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहे में शामिल मुखानी में रात तक वाहनों की रेलमपेल रहती है। इस लिहाज से यहां स्ट्रीट लाइटों का दुरुस्त होना आवश्यक है। नवाबी रोड चौराहे पर भी यही समस्या है। वार्ड 47 के पुलों पर लगी लाइटों के नट बोल्ट ढीले पड़ चुके हैं।
यहां भी स्थिति खराब
रामपुर रोड पर देवलचौड़ से पंचायत घर की ओर जाने वाली सड़क पर भी पथ प्रकाश का अभाव है।
देवलचौड़ चौराहे से बिड़ला स्कूल को जाने वाला मार्ग भी रात में अंधेरे से पट जाता है। कई कॉलोनियों से जुड़ा होने के कारण यह शहर का व्यस्ततम मार्ग है।
तीनपानी हाईवे से गोरापड़ाव तक देर रात तक जलती हैं लेकिन सुबह चार पांच बजे के करीब बंद रहती हैं।
छड़ायल चौराहे से आरटीओ रोड पर भी रात में कभी रोशनी नहीं होती है।
पोल और तार उपलब्ध न होने के कारण कुछ स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। सरकार से 1200 पोल और तार की मांग की गई है। उपलब्ध होते ही स्ट्रीट लाइटें लगवा दी जाएंगी। निगम क्षेत्र की पतली गलियों में सरकार को सोलर लाइटें लगवाने का प्रस्ताव भेजा गया है।