रामनगर (नैनीताल)। युवती की हत्या के आरोप में अपर सत्र न्यायाधीश ने महिला सहित पिता-पुत्र को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया। न्यायालय में 2021 से मुकदमा चल रहा था। 11 मार्च को न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा था और मंगलवार को फैसला सुनाया गया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप लोहनी ने बताया कि 16 अप्रैल 2020 को ग्राम फतेहपुर पट्टी स्यात कोटाबाग में जमीन पर बैल बांधने को लेकर दो सगे भाइयों लक्ष्मीदत्त और शिवदत्त पुत्रगण परमानंद के बीच विवाद हुआ और दोनों में मारपीट हुई थी। इसी विवाद के चलते लक्ष्मीदत्त की पुत्री कु. भावना की जहर पीने से मौत हो गई थी। इस मामले में लक्ष्मीदत्त ने भाई शिवदत्त, भाभी मुन्नी देवी और भतीजे बंशीधर पर मारपीट करते हुए बेटी को जबरन जहर पिलाकर हत्या करने का आरोप लगाया था। मामले में कालाढूंगी थाने में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने 17 जुलाई 2021 को चार्जशीट दाखिल की थी। रामनगर के न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश मुकदमा चला। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किये गए। अधिवक्ता प्रदीप लोहनी ने बताया कि उनके द्वारा गवाहों की प्रतिपरीक्षा की गई। गवाही के बाद बहस में जो तर्क रखे, उससे यह साबित नहीं हो पाया कि आरोपियों ने जबरन जहर पिलाकर युवती की हत्या की थी। अधिवक्ता ने बताया कि 11 मार्च को न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा था। मंगलवार को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश सयन सिंह रावत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया है।