मौलेखाल (अल्मोड़ा)। रामनगर-भतरौंजखान मोटर मार्ग की दुर्दशा से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी व्यथित हैं। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर मंगलवार को लिखा कि इस प्राचीन मोटर मार्ग को उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल कराने के प्रयास किए लेकिन सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने से पहले ही उनकी सरकार बदल गई। इस सड़क पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद सरकार इसका संज्ञान तक नहीं ले रही है। इसलिए वह बुधवार को सौंराल गांव में एक घंटे का उपवास रखेंगे। इस दौरान वाहनों की आवाजाही भी बाधित रहेगी।
रामनगर-बदरीनाथ मोटर मार्ग आजादी से पहले बन चुका था। यह प्राचीन सड़क अब बेहद दयनीय हालत में है। पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि मोहान तक की सड़क नेशनल हाईवे में होने के कारण ठीक है लेकिन मोहान से आगे भतरौंजखान-रानीखेत तक यह सड़क मार्ग बहुत दयनीय स्थिति में है। पहले एडीबी ने इसे ठीक कराया था। एडीबी के करार के तहत वर्ष 2016 में उनकी सरकार इसमें राशि नहीं दे सकती थी।
बकौल रावत उन्होंने तत्कालीन और वर्तमान सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से इस मोटर मार्ग समेत 22 अन्य सड़कों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में सैद्धांतिक स्वीकृति करवाई थी। स्वीकृति राज्य सरकार के पास आई थी और राज्य सरकार से अपेक्षा की गई थी कि वह विस्तृत आगणन बनाकर भेजें। आगणन बनाकर भेजने तक राज्य में सत्ता परिवर्तन हो गया। कहा कि पिछले छह वर्षों से यह सड़क उपेक्षा झेल रही है और अब यह सड़क वाहनों के संचालन के लिए भी सुरक्षित नहीं है।
उन्होंने यह भी लिखा है कि प्रायश्चित स्वरूप कहिए या आक्रोश स्वरूप वह बुधवार दोपहर एक से दो बजे तक कुमेरिया से आगे और सौंराल से नीचे किसी स्थान पर एक घंटे का मौन आक्रोश उपवास रखेंगे। इस दौरान एक घंटे के लिए परिवहन, बसों-ट्रकों आदि के आवागमन को बाधित करेंगे। कहा कि यह सड़क तीन विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ती है। सल्ट, बेतालघाट और रानीखेत के अलावा धुमाकोट से भी इस सड़क का नाता है।